नरोदा पाटिया केस : बाबू बजरंगी को दोषी मानते हुए कोर्ट ने सुना दी ये सजा

अहमदाबाद: नरोदा पाटिया केस में हाईकोर्ट ने आज (शुक्रवार) को अपना फैसला सुना दिया है. मामला साल 2002 में अहमदाबाद में हुए नरोदा पाटिया नरसंहार का है.

कोर्ट के आदेश के अनुसार मुख्य अभियुक्त बाबु बजरंगी को ज़िंदा रहने तक जेल में​ रहना होगा. जबकि बीजेपी विधायक माया कोडनानी को इस कोर्ट ने बरी कर दिया है. प्रेमचंद तीवारी भी नरसंहार के दोषी करार​ दिए गए हैं.

कोर्ट ने बाबू बजरंगी, सुरेश छारा और प्रकाश कोराणी को षड्यंत्रकारी मानते हुए उनकी सजा बरकार रखी है. कोर्ट ने माया कोडनानी को निर्दोष​ करार दिया है. 11 गवाहों में से कोई भी उनकी घटना स्‍थल पर उपस्‍थित साबित नहीं कर पाया.

कोई भी पुलिसकर्मी उनकी उपस्‍थिति पर सही नहीं बता सका. हाईकोर्ट ने गणपत छारा को निर्दोष करार दिया. मनु भाई केशा भाई के खिलाफ 8 गवाहों में से एक भी गवाह उनके मामले में शामिल होने की बात साबित नहीं कर पाया है, ऐसे में उन्हें शक का फायदा देते हुए निर्दोश साबित किया गया है.

बाबू मारवाडी को भी शक का फायदा देते हुए निर्दोश साबित किया गया है. नवाब कालू भाई 5 गवाहों में से 5 ने उसकी प्रेजेंस को सही ठहराया है. सुरेश मराठी 22 गवाहों में से 4 गवाहों ने उसकी प्रेजेंस सड़कों पर बताई. प्रकाश राठौर के खिलाफ कोई गवाही नहीं दी गई.

गौरतलब है कि गुजरात दंगे के बाद नरोदा पाटिया में 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी. जबकि 33 लोग घायल हुए थे. इस केस में हाईकोर्ट के दो जजों की बेंच ने पिछले साल अगस्त में फैसला सुरक्षित रख लिया था.

दरअसल, इस केस में एसआईटी स्पेशल कोर्ट ने बीजेपी विधायक माया कोडनानी और बाबू बजरंगी समेत 32 को दोषी ठहराया था. इनमें से कोडनानी को 28 साल की कैद और बाबू बजरंगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. बाकी सात दोषियों को 21 साल की जेल और अन्य को 14 साल की सजा सुनाई गई थी. वहीं, सबूतों के अभाव में 29 अन्य आरोपी बरी हो गए थे.

निचली अदालत में दोषी करार दिए जाने के बाद दोषियों ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. वहीं, स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 29 लोगों को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

इस केस में हाईकोर्ट के जस्टिस हर्षा देवानी और जस्टिस ए एस सुपेहिया की बेंच ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद पिछले साल अगस्त में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *