देश में फिर मोदी सरकार बनने से भयभीत न हो अल्पसंख्यक: जुनेद क़ाज़ी

न्यूयॉर्क। 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए इंडियन ओवरसीज कांग्रेस, यूएसए के पूर्व अध्यक्ष जुनेद क़ाज़ी ने कहा है कि देश में फिर से मोदी सरकार बनने से भारत के मुसलमानो को भयभीत नहीं होना चाहिए।

एक बयान में जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि बीजेपी ने कभी भी मुसलमानो को वोट बैंक नहीं माना है और न ही मुसलमानो ने बीजेपी को वोट दिए हैं। जबकि अन्य दलों ने मुसलमानो को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया है।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि भारत के मुसलमानो को चाहिए कि वे बिना किसी भय और दबाव के बीजेपी में अपनी तादाद बढ़ाएं और बीजेपी से परहेज करना बंद कर दें। उन्होंने कहा कि देश में अल्पसंख्यको के विकास के लिए ज़रूरी है कि मुसलमान खुद को अलग थलग न समझें बल्कि देश के अन्य नागरिको की तरह ही देश की प्रगति में अपना पूरा योगदान दें।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि यदि मोदी सरकार चाहती तो मुसलमानो के लिए देश में चल रही कल्याणकारी योजनाएं बंद कर सकती थी लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में बहुमत वाली सरकार बनने के बावजूद मोदी सरकार ने मुसलमानो से जुडी किसी योजना को बंद नहीं किया बल्कि उनमे सुधार कर उन्हें जारी रखा।

जुनेद क़ाज़ी के उम्मीद जताई कि 2019 में केंद्र में फिर से बनने वाली मोदी सरकार अल्पसंख्यको से जुडी योजनाओं को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस ने मुसलमानो को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया लेकिन मुस्लिम समुदाय के कल्याण और विकास के बारे में कोई ठोस प्रयास नहीं किये।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग बीजेपी पर हिदुत्व को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन देश की जनता ने बीजेपी को देश के विकास के लिए जनादेश दिया है। इसलिए देश के अल्पंख्यको को चाहिए कि वे इस जनादेश को स्वीकार कर देश के विकास में अपनी अहम भूमिका अदा करें।

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