दुबई में बोले राहुल ‘हम लोकसभा चुनाव जीतेंगे और फिर से भारत को एकजुट करेंगे’

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष ने दुबई के ‘दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम’ में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपने मन की बात सुनाने नहीं आया, मैं आपके मन की बात सुनने आया हूँ।

उन्होंने कहा कि असहिष्णुता और बंटवारे की स्थिति’ का सामना कर रहा आज का भारत कभी सफल और मजबूत नहीं हो सकता। आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद देश को फिर से एकजुट किया जाएगा ताकि बेरोजगारी सहित सभी चुनौतियों से निपटा जा सके।

प्रवासी भारतीयों से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनकी समस्याएं भी पूछीं और निदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया।

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने आज दुबई के शासक शेख मोहम्मद से मुलाकात की और मुझे उनके भीतर विन्रमता का आभास हुआ। उनके अंदर एक फीसदी भी अहंकार नहीं था। एक ऐसे नेता जो लोगों की सुनता है और कदम उठाता है। यह देश कई आवाजों से मिलकर बना है।

उन्होंने कहा कि यूएई और भारत को साथ लाने वाले मुख्य मूल्य विनम्रता और सहिष्णुता है। यह यूएई में सहिष्णुता का साल रहा है। मुझे कह कर दुख हो रहा है कि हमारे यहां साढ़े चार साल असहिष्णुता के रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि हम कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं लेकिन हम बीजेपी मुक्त भारत नहीं चाहते हैं। हम एकजुट भारत चाहते हैं जहां हर कोई कहे कि हम पहले भारतीय हैं। उन्होंने कहा कई हमें पूरा भरोसा है कि हम यह लोकसभा (चुनाव) जीतेंगे और भारत को फिर से एकजुट करेंगे।

राहुल गांधी ने कहा कि यूएई और भारत को साथ लाने वाले मुख्य मूल्य विनम्रता और सहिष्णुता है। यह यूएई में सहिष्णुता का साल रहा है। मुझे कह कर दुख हो रहा है कि हमारे यहां साढ़े चार साल असहिष्णुता के रहे हैं।

राहुल गांधी ने प्रवासी भारतीयों से कहा कि आज दुबई में बड़ी बड़ी इमारतें हैं, बड़े बड़े एयरपोर्ट हैं, मेट्रो है, ये सब आपकी मेहनत का नतीजा है। आप भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आप भारत के भविष्य हैं और हम आपके बिना भारत का निर्माण नहीं कर सकते। आपने जो यूएई, अमेरिका और यूरोप में किया है, वो भारत में करिए। मैं आपसे यह वादा चाहता हूं कि आप साथ खड़े होइए और भारत में जो दो तीन बड़ी समस्याएं हैं उनके दूर करने में मदद करिए।

राहुल ने कहा कि एक सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में लोग भयावह बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। लोग नोटबंदी और जीएसटी से परेशान हो चुके हैं। हमें रोजगार के मोर्चे पर फ्रंटफुट पर खेलना है। भारत सिर्फ बेरोजगारी पर जीत हासिल कर सकता है और चीन पर भारी पड़ सकता है। आपको इसमें भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार का जिक्र किए बिना कहा कि एक भारतीय के तौर पर मेरे लिए पिछले कुछ साल दुखदायी रहे हैं। क्या विनम्रता के बिना सहिष्णुता संभव है? क्या यह सोचकर भारत को चला सकते हैं कि एक विचार सही है और बाकी सब बेकार हैं। आज मेरा देश बंटा हुआ है। यह राजनीतिक कारणों से और राजनीतिक लाभ के चलते बंटा हुआ है। विभिन्न धर्मों के स्तर पर बंटा हुआ है, समुदायों के स्तर पर बंटा हुआ है।

राहुल गांधी ने कहा कि हमें फिर से भारत को फिर से एकजुट करना है। सभी लोगों, धर्मों, राज्य और समुदायों को साथ लाना है। बंटा हुआ भारत सफल और मजबूत नहीं हो सकता। इसलिए हमे देश को एकजुट करने के लिए मिलकर काम करना है।

राहुल ने कहा, ”यह दुखद है कि बेरोजगारी से लड़ने पर चर्चा करने की बजाय हम एक दूसरे झगड़ा कर रहे हैं. 21वीं सदी में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती.”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि हम कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं लेकिन हम बीजेपी मुक्त भारत नहीं चाहते हैं। हम एकजुट भारत चाहते हैं जहां हर कोई कहे कि हम पहले भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि हम यह लोकसभा (चुनाव) जीतेंगे और भारत को फिर से एकजुट करेंगे।

राहुल ने कहा कि भारत के डीएनए में अहिंसा है। महात्मा गांधी अहिंसा के महान वाहक थे। महात्मा गांधी ने भारत की प्राचीन संस्कृति, इस्लाम, ईसाई और दूसरे सभी धर्मों से अहिंसा का विचार लिया था।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे घोषणापत्र में भारत के भविष्य के लिए योजना होगी। इसमें करोड़ों भारतीयों की भावना प्रकट होगी। मैं चाहता हूं कि इस घोषणाापत्र आपकी भी आवाज हो. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपकी आवाज आपके देश में सुनी जाए।

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