दिल्ली पुलिस को झटका : मुख्य सचिव की मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिले मारपीट के सबूत

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट के आरोप में आम आदमी पार्टी के दो विधायकों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने दोनो विधायकों की रिमांड की मांग रखी जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है। लेकिन दोनो विधायकों को कल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

वहीँ दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के दावे उनकी मेडिकल रिपोर्ट से मेल नहीं खा रहे। अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट में चोट के निशान न मिलने से दिल्ली पुलिस को बड़ा झटका लगा है। वहीँ कोर्ट ने गिरफ्तार किये गए दोनो आप विधायकों प्रकाश जारवाल और अमानतुल्लाह खान की रिमांड की मांग भी ख़ारिज कर दी।

इससे पहले आज दोपहर में मारपीट के आरोपी विधायक अमानतुल्लाह खान ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। उनका कहना है कि वह देश के कानून का सम्मान करते हैं और इसीलिए वह सरेंडर कर रहे हैं। हालांकि वह अपनी बात पर अब भी कायम हैं और कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया है।

वहीँ इस मामले में आज सुबह ही दिल्ली पुलिस ने सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन को उनके महारानी बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।

इससे पहले दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने सीएम आवास पर मीटिंग के बहाने बुलाकर हमला करने का आरोप लगाया था। मुख्य सचिव ने ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान व अन्यों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर घर बुलाने, सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी के दौरान हमला करने, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाने की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर किया था।

मुख्य सचिव ने कहा था कि वह सोमवार रात करीब 12 बजे सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास गए। वहां पहले से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित 10 से 11 विधायक मौजूद थे।

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