तीन साल में अन्ना ने पीएम मोदी को लिखे 32 पत्र लेकिन नहीं मिला एक का भी जबाव

नई दिल्ली। प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता अन्ना हज़ारे ने एक बार फिर मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि मैं तीन साल तक इसलिए खामोश रहा क्यों कि जब कोई नई सरकार बनती है तो उसे समय देना चाहिए , लेकिन अब खामोश नहीं रहुंगा।

अन्ना ने फ़ोर्ब्स पत्रिका का हवाला देते हुए कहा कि तीन साल में एशियाई देशो में भारत भ्रष्ट देशो की सूची में पहले नंबर पर आ गया है और बीजेपी मालामाल हो गयी है। उसे तीन साल में चंदे के तौर पर 80 हजार करोड़ रुपए की रकम मिली है।

अन्ना ने कहा कि वे अब खामोश नहीं रहेंगे और 23 मार्च से आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने किसानो के मुद्दे पर तीन साल में पीएम मोदी को 32 पत्र लिखे लेकिन एक भी पत्र का जबाव नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि देश में किसानो की हालत बद्द्तर हो गयी है। बैंके किसानो को कर्ज नहीं दे रहीं और उनसे पुराने कर्ज पर मनमाना व्याज बसूल रही हैं। अन्ना ने कहा कि कर्ज न चूका पाने के कारण किसान आत्म हत्या कर रहे हैं।

अन्ना ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक को सभी किसानों को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर तय करना चाहिए और किसानों के हितों को देखते हुए बैंकों को कृषि ऋण की ब्याज दर तय करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

अन्ना हज़ारे ने दोहराया कि वे मजबूत जन लोकपाल और देश के किसानों के लिए अगले साल 23 मार्च से दूसरा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब मैं खामोश नहीं बैठूंगा।

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