तबरेज अंसारी मामला: वीडियो सही पाए जाने के बाद चार्जशीट में जोड़ी गयी धारा 302

रांची। झारखंड के बहुचर्चित तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में वायरल वीडियो को जांच में सही पाया गया है। इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद आरोपियों के खिलाफ दायर की गयी चार्जशीट में आईपीसी की धारा 302 को फिर से जोड़ दिया गया है।

गौरतलब है कि तबरेज अंसारी की पीट पीट कर हत्या किये जाने के मामले में पुलिस ने ग्यारह लोगों को आरोपी बनाया लेकिन आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा 302 नहीं लगायी गयी थी।

पुलिस ने पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि तबरेज अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई, यह पूर्व नियोजित हत्या का मामला नहीं है। इसलिए इसमें धारा 302 दर्ज नहीं की गयी है। पुलिस द्वारा 29 जुलाई को कोर्ट में दी गयी चार्जशीट में आरोपियों से ह्त्या का आरोप हटा लिया गया।

वहीँ इस मामले में पुलिस की मंशा पर सवाल उठने लगे। वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद पुलिस को आरोपियों के खिलाफ ह्त्या का मामला भी दर्ज करना पड़ा और चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ धारा 302 लगा दी गयी है।

मामले में पुलिस की ढिलाई पर सवाल उठाते हुए मृतक तबरेज अंसारी की पत्नी शाहिस्ता ने धमकी दी थी कि यदि आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज नहीं हुआ तो वह आत्म हत्या कर लेगी। शाहिस्ता ने कहा कि उसे मुआवज़े के तौर पर एक रूपया भी नहीं मिला है।

गौरतलब है कि झारखंड के सराय केला में बाइक चोरी का आरोप लगाकर तबरेज अंसारी नाम युवक की भीड़ ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। इस घटना के विरोध में देश के कई शहरो में विरोध प्रदर्शन और मौन जुलुस भी निकाले गए थे।

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