ट्रंप की नहीं सुन रहा उत्तर कोरिया, ट्रंप धमकी देते हैं लेकिन कुछ कर नहीं पाते

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तमाम धमकियों को नज़रअंदाज कर परमाणु मिसाइलों के परीक्षण करने वाले उत्तर कोरिया पर किसी चेतावनी का असर नहीं होते देख अब अमेरिका दादागीरी छोड़ निवेदन कर रहा है।

अभी हाल ही में अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच जारी संकट के हालात में नेशनल इंटरेस्ट ने एक लेख प्रकाशित हुआ था। जिसके अनुसार अमरीका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा है कि अमरीका उत्तरी कोरिया से संपर्क चैनल की खोज में है और वार्ता शुरू करने में रूचि रखता है।

हालाँकि इस बयान के बाद वाइट हाउस ने तत्काल बयान जारी किया कि विदेश मंत्री अपना समय नष्ट न करें। ट्रंप ने अपने विदेश मंत्री के बयान के बाद जो बयान जारी किया है उससे कई सवाल पैदा होते हैं। क्या ट्रम्प वाक़ई उत्तरी कोरिया के विरुद्ध युद्ध छेड़ना चाहते हैं?

बड़ा आश्चर्य इस बात पर है कि वाइट हाउस और अमरीकी विदेश मंत्रालय के बीच इस तरह विवाद खुलकर सामने आए हैं। यह बात साफ़ है कि कोरिया के विषय में इस समय वाइट हाउस दो विरोधाभासी नीतियों पर काम कर रहा है।

वहीँ दूसरी ओर ट्रंप ने दो महीने के भीतर लगातार उत्तरी कोरिया को धमकियां दीं और उत्तरी कोरिया भी ख़ामोश नहीं रहा लेकिन इस समय ट्रंप का रवैया बाराक ओबामा जैसा हो गया है। क्योंकि उत्तरी कोरिया ने तो परमाणु धमाका कर डाला और ट्रंप प्रशासन इस देश पर केवल प्रतिबंध ही लगा सका है। अंतर केवल यह है कि ट्रंप बार बार युद्ध की धमकियां भी दे रहे हैं।

ट्रंप अपनी किसी भी धमकी पर अमल नहीं कर पाए बस उन्हें यही अच्छ लगता है कि बार बार जनता के सामने आते रहें। प्युंगयांग ट्रंप की धमकियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

अगर उत्तरी कोरिया से वार्ता शुरू होती है तो कई लंबित मामले हल हो सकते हैं। दक्षिणी कोरिया में अमरीका की राजदूत का कहना है कि यदि उत्तरी कोरिया से अमरीका बातचीत करे तो हालात काफ़ी बेहतर हो सकते हैं। युद्ध बहुत ख़तरनाक विकल्प है अतः रेक्स टिलरसन ने जो किया वह बहुत उचित प्रयास था हालांकि उसकी भी विफलता की संभावना पायी जाती है। फिर भी युद्ध कोई विकल्प नहीं है।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *