जुनैद के गाँव में नहीं मनाई जायेगी ईद, सिर्फ नमाज़ अदा होगी

फरीदाबाद। फरीदाबाद के गाँव खंडावली में मातम पसरा है। एक दिन पहले ही दिल्ली से ट्रेन में आ रहे 16 वर्षीय जुनैद की कथित कटटर पंथियों द्वारा पीट पीट कर हत्या कर दी गयी थी। जुनैद के परिजनों की आँखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं।

जुनैद घरवालों से पैसे लेकर ख़ुशी ख़ुशी ईद के लिए खरीददारी करने अपने दो भाइयों दो भाई हाशिम और शाकिर तथा पड़ोसी का लड़का मोहसिन के साथ दिल्ली गया था, लोकल ट्रेन से वापस आते समय कुछ लोगों ने उनके सिर पर लगी टोपियां देख कर सांप्रदायिक टिप्पणियां करने हुए उनसे सीट छोड़ने को कहा।

जुनैद के पिता जलालुद्दीन के अनुसार हत्या करने वाले अपरिचित थे और उनसे पहले की कोई रंजिश भी नहीं थी। उन्होंने ट्रेन के अंदर ही इन लोगों पर हमला बोल दिया। इन लड़कों को बल्लभगढ़ उतरना था, क्योंकि इनका गांव खंडावली इस स्टेशन से नज़दीक पड़ता है। आक्रामक भीड़ ने उन्हें उतरने नहीं दिया और यहां से 10 मिनट की दूरी पर अगले स्टेशन असावटी के बीच लड़कों से बुरी तरह मारपीट की गई। उन पर चाकुओं से हमला किया गया, जिसमें जुनैद और उसके दो साथी बुरी तरह ज़ख्मी हो गए। जुनैद की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

जुनैद की मां सायरा

जुनैद की मां की आँखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। उसे यकीन ही नहीं हो रहा कि उसके बेटे को कोई बिना वजह मार सकता है। वो कहती हैं कि जुनैद एक लायक बच्चा था। उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। वह पांच वक़्त का नमाज़ी था। वह झगड़ा करना जानता ही नहीं था।

जुनैद के गाँव के लोगों ने बताया कि वे इस बार ईद पर सिर्फ रस्मी तौर पर नमाज़ अदा करेंगे, इस बार घरो में ईद पर बनने वाले पकवान भी नहीं बनाये जायेंगे। गाँव के लोगों का सवाल है कि आखिर इस तरह कब तक चलेगा ? अब मुसलमान घर से बाहर निकलने के बाद सुरक्षित नहीं रह गया। गाँव के लोगों का एक ही सवाल है, वे पूछ रहे हैं कि जुनैद का कुसूर क्या था ?

 

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