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जिस ताज महल पर हो रही राजनीति उसे नटवर लाल ने बेच दिया था तीन बार

ब्यूरो। दुनियाभर में मशहूर ताज महल को लेकर देश में जो आज नई राजनीति शुरू हुई है उसे नटवर लाल नामक एक कुख्यात ठग ने एक दो बार नहीं बल्कि तीन बार बेच दिया था। नटवर लाल पेशे से ठगी का काम करता था। उसके बारे में जो जानकारियों मौजूद हैं उनसे पता चलता है कि नटवर लाल ने ताज महल ही नहीं लाल किला, राष्ट्रपति भवन और संसद भवन का भी सौदा कर डाला था।

नटवर लाल का असली नाम मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव बताया जाता है और वह पहले वकालत का काम करता था। लेकिन वकालत का कामकाज सही ढंग से न चलने पर नटवर लाल ने ठगी का काम शुरू कर दिया। जानकारियों से पता चलता है कि नटवर लाल के 52 नाम थे, नटवर लाल भी इन्ही नामो में से एक था।

नटवर लाल के बारे में मौजूद जानकारी में अनुसार उसने ताजमहल को तीन बार, लाल किला को दो बार तथा राष्ट्रपति भवन और संसद भवन को एक एक बार बेच दिया था। नटवर लाल के शिकार लोग मूलतः पैसे वाले और बड़े कारोबारी हुआ करते थे। वह ठगी करने के लिए ऐसा जाल बिछाता था कि सामने वाला उसके जाल में फंस ही जाता था।

इतना ही नहीं नटवर लाल ने तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के फ़र्ज़ी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके बहुत बड़ी ठगी को अंजाम दिया था। भारतीय कारोबारियों में टाटा और बिरला को भी नटवर लाल ने नहीं बक्शा और उन्हें भी अपनी ठगी का शिकार बनाया था।

जानकारी के अनुसार नटवर लाल पर ठगी के सौ से अधिक मुकदमे थे। 84 वर्ष की उम्र में नटवर लाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने पर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका।

आज नटवर लाल का नाम मिसाल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। नटवर लाल के किरदार को कई फिल्मो में भी दिखाया गया है। नटवर लाल का जन्म 1912 में बिहार के सीवान में हुआ था।

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