जन्माष्टमी, ईद और डीजे में उलझी सरकार, गोरखपुर में जारी है बच्चों की मौत का सिलसिला

लखनऊ। गोरखपुर में हो रही बच्चो की मौत पर कितनी संवेदनशील है यूपी सरकार इसका नमूना उस समय देखने को मिला जब आरएसएस की केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक के लोकार्पण के कार्यक्रम में सीएम योगी ने गोरखपुर में हुई बच्चो की मौत पर संवेदना व्यक्त करने की जगह जन्माष्टमी-ईद और डीजे की बात की।

योगी ने गोरखपुर हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने देने पर कोई आश्वासन देने की जगह कांवड़ यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की छूट का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ईद के दिन सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक नहीं लग सकती तो थानों में जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक नहीं लग सकती. यही नहीं कांवड़ यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की छूट की वकालत करते हुए योगी ने कहा कि अगर रोक लगनी है तो हर धर्मस्थल पर लगे।

इस बीच गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चो की मौत का सिलसिला जारी है। गुरूवार को आठ और मासूमों की मौत हो गई। बच्चे मेडिकल कालेज के इन्सेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे. वहीं, इस वार्ड में भर्ती के 15 ताजा मामले भी सामने आए हैं।

अभी तक सरकार की तरफ से कोई ऐसा आश्वासन नहीं आया जिस से लगे कि सरकार बच्चो की मौत रोकने के लिए कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है। वहीँ जानकारों का कहना है कि यदि सरकार चाहे तो केंद्र से विशेष चिकित्स्कों की टीम की मांग कर सकती हैं। इतना ही नहीं इन्सेफेलाइटिस से बच्चो को बचाने के लिए दूसरे देशो से भी विशेषज्ञों को बुला सकती है।

बता दें कि अबतक इसी अस्पताल में करीब 70 बच्चों की मौत हो चुकी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह पूर्व में कह चुके हैं कि मेडिकल कालेज के पीडियाट्रिक विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सात अगस्त से 11 अगस्त के बीच 60 बच्चों की मौत विभिन्न बीमारियों से हुई है। वह यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि ये मौतें आक्सीजन की कमी से नहीं हुई।

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