चुनाव प्रचार में सैनिको की तस्वीर इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग सख्त

नई दिल्ली। राजनैतिक लाभ लेने के लिए चुनाव में सैनिको की तस्वीर इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग ने सख्त रवैया दिखाते हुए राजनैतिक दलों को हिदायत दी है। चुनाव आयोग ने रक्षा मंत्रालय के जिस पत्र का उल्लेख किया है यह पत्र वर्ष 2013 में रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग को लिखा था।

चुनाव आयोग की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि “रक्षा मंत्रालय की ओर से यह संज्ञान में लाया गया था कि कुछ राजनीतिक दल सुरक्षाबल के जवानों की फोटो का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए कर रहे हैं।”

2013 में रक्षा मंत्रालय द्वारा चुनाव आयोग को लिखे पत्र का हवाला देते हुए राजनैतिक दलों से कहा है कि चुनाव प्रचार में सेना को शामिल न करें। आयोग की ओर से कहा गया है कि ऐसा करने वाले नेताओं और दलों के खिलाफ कोई कार्रवाई आचार संहिता लागू होने के बाद ही की जा सकती है।

गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र में कहा गया था कि कुछ राजनैतिक दलो और नेताओं द्वारा चुनाव प्रचार में सेना के जवानों की फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है और इस पर आयोग दलों को दिशा-निर्देश दे।

चुनाव आयोग ने राजनैतिक दलों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सुरक्षाबल देश की सीमाओं, क्षेत्र और पूरे राजनीतिक तंत्र के प्रहरी हैं. लोकतंत्र में उनकी भूमिका निष्पक्ष और गैर राजनीतिक है। इसी वजह से जरूरी है कि चुनाव प्रचार में सुरक्षाबलों का जिक्र करते हुए राजनीतिक दल और राजनेता सावधानी बरतें।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद बीजेपी के कई होर्डिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। इन होर्डिंग में बीजेपी ने पाकिस्तान में पकडे गए विंग कमांडर अभिनंदन वर्मा की तस्वीरों का इस्तेमाल किया है।

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