घिर चुके हैं एम जे अकबर, अब बीजेपी के अंदर भी विरोध

नई दिल्ली। #MeToo की गिरफ्त में आये केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर अब बीजेपी के अंदर से ही हमले होना शुरू हो गए हैं। एमजे अकबर की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई सफाई नहीं आने के बाद उनके ऊपर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।

वहीँ स्मृति ईरानी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने एमजे अकबर के समर्थन में कुछ कहने के स्थान पर कहा कि जिन पर आरोप लगे हैं वे खुद ही इसका जबाव दें। वहीँ बीजेपी की तरफ से साफ तौर पर कहा गया कि पार्टी पारदर्शिता में विश्वास रखती है। इस पर दूसरा पक्ष भी सुना जाना चाहिए।

वहीँ एक टीवी इंटरव्यू में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो भी महिलाएं इस स्थिति से गुजरी हैं, उनका बहुत बुरा अनुभव रहा होगा। इस वजह से वे अपने साहस से आगे आई हैं, जिसका मैं समर्थन करती हूं।

वहीँ केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि मैं किसी एक के मामले पर नहीं बोलूंगी। लेकिन इतना कहूंगी कि मी टू अभियान का बहुत बड़ा लाभ हुआ है। काम की जगह पर महिलाएं सुरक्षित हो गई हैं। पहले काम की जगह या सार्वजनिक स्थानों पर अभद्रता होने के बाद महिलाएं संकोच में बोल नहीं पाती थीं, लेकिन अब वह संकोच टूट गया है।

#MeToo में नाम आने के बाद फिलहाल एम् जे अकबर अकेले पड़ते दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी का कोई कद्दावर नेता या केंद्र सरकार का कोई मंत्री फिलहाल उनका समर्थन नहीं कर रहा है। माना जा रहा है कि एमजे अकबर जल्द ही इस्तीफा भी दे सकते हैं।

गौरतलब है कि दो पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर का नाम लेते हुए उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। प्रिया रमानी नाम की एक महिला ने ट्वीट कर कहा है कि एमजे अकबर ने होटल रूम में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें की हैं।

एक अन्य महिला शुमा राहा नाम ने भी ट्वीट में कहा, उसके साथ 1995 में ताज बंगाल होटल, कोलकाता में एमजे अकबर ने गलत हरकती की। उनकी गलत हरकत के विरोध में उसने नौकरी करने से इंकार कर दिया।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें