गुजरात में मनाई जा रही “पागल विकास की अंतिम दिवाली”

नई दिल्ली। गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावो के लिए कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही बड़ी घमासान के बीच कांग्रेस बीजेपी पर लगातार हावी होती जा रही है। इस बीच कांग्रेस के कैंपेनो को ज़बरदस्त सफलता मिलने से बेचैन बीजेपी अभी तक उसका तोड़ ढूंढ़ने में असफल रही है।

गुजरात में बीजेपी के विकास मॉडल की हवा निकालने के बाद अब पागल विकास की अंतिम दिवाली (गांडा विकास नी छेल्ली दिवाली) को भारी सफलता मिल रही है। ट्विटर पर गांडा विकास नी छेल्ली दिवाली कैपेन ट्रेंड में आने के बाद अब यह कैंपेन गुजरात की गाँव देहात तक पहुँच रहा है।

जानकारों की माने तो इस बार कांग्रेस शुरू से आक्रामक है और उसने जल्द ही ज़मीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कांग्रेस की सबसे बड़ी सफलता यह है कि वह जनता के बीच बीजेपी के विकास के दावे को बेनकाव करने में सफल रही है।

वहीँ बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल यह है कि कांग्रेस के “विकास पागल हो गया है” (विकास गांडो थयो छे) कैंपेन के बाद बीजेपी के विकास के जुमले की धार खत्म हो गयी है। बीजेपी की मुश्किलें यहीं ख़त्म नहीं होतीं। चुनावी मंचो से बीजेपी जिस दिवाली की बात करती थी कांग्रेस ने वह दिवाली मनाने का मुद्दा भी पहले ही बेअसर कर दिया है।

16 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दौरे पर आएं उससे पहले ही “पागल विकास की अंतिम दिवाली” (गांडा विकास नी छेल्ली दिवाली) कैंपेन शुरू कर उसे जनता के बीच तक पहुंचाकर फिलहाल कांग्रेस ने बीजेपी पर एक और बढ़त बना ली है।

 

 

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