गुजरात बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं है, अपनी ही सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे मंत्री, विधायक

नई दिल्ली। गुजरात को लेकर भारतीय जनता पार्टी जो भी दावे करे लेकिन एक बड़ी सच्चाई यह है कि नई सरकार बनने के बाद बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं है। हाल ही में उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल की जिद्द के आगे पार्टी आलाकमान को घुटने टेंकने पड़े और उन्हें उनकी पसंद का विभाग देना पड़ा।

डिप्टी सीएम नितिन पटेल को उनका मनपसन्द विभाग दिए जाने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें यहीं समाप्त नहीं हुईं। नितिन पटेल शांत हुए तो अब दूसरे मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी ने अपने पंसदीदा विभाग को लेकर नया विवाद छेड़ दिया है।

मतस्य उधोग मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मिलने पहुंचे और उन्होंने कहा कि उनकी जाति एक बड़ी वोट बैंक रखती है, तो उन्‍हें अच्छा मंत्रालय मिलना ही चाहिए।

पुरुषोत्‍तम सोलंकी भी पांच बार से विधायक हैं और कोली समाज के नेता हैं। उन्‍होंने सवाल उठाया है कि जब पाटीदार नेता नितिन पटेल से पूछकर डिपार्टमेन्ट मिलता है तो उन्‍हें क्‍यों नहीं? वहीँ सूत्रों की माने तो पुरुषोत्तम सोलंकी के अलावा भी दो मंत्री ऐसे हैं जो अपने विभागों को लेकर खुश नहीं हैं।

सूत्रों की माने तो नितिन पटेल की पैदा की हुई चिंगारी अब केबिनेट के बाद पार्टी में अंदर तक पहुँच गयी है। सीएम विजय रूपाणी और नितिन पटेल खुद के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर पैदा हुई खाई अब और गहरी हो चली है। सूत्रों के मुताबिक नितिन पटेल अपने समर्थक विधायकों की लिस्ट लम्बी करने में जुटे हैं।

सूत्रों ने कहा कि अब मुहिम सीएम विजय रूपाणी को बदले जाने की शुरू हो चुकी है। इसके लिए बैठकों और बातचीत का सिलसिला जारी है। सूत्रों ने कहा कि ये ठीक उसी तरह हो रहा है जैसे गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के साथ हुआ था। सीएम विजय रूपाणी को बदले जाने के लिए कभी भी आधे से अधिक विधायक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं।

बता दें कि गुजरात में बीजेपी की नई सरकार के गठन के बाद डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने अपनी पसंद के विभाग न मिलने के चलते पदभार ग्रहण करने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें फ़ोन कर मनाया तथा नितिन पटेल को उनकी पसंद का विभाग दिया गया। अब रूपाणी केबिनेट के एक और मंत्री भी अपने विभाग से खुश नहीं हैं। देखना है इस बार पार्टी अध्यक्ष अमित शाह इस मामले को कैसे हल करते हैं।

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