चुनाव

गुजरात चुनाव में कोई मुद्दा नहीं आ रहा काम तो बीजेपी को फिर याद आये जय श्री राम

अहमदाबाद (मुकुल जडेजा)। गुजरात चुनावो में इस बार एक ऐसी चीज़ दिखाई दे रही है जो पहले चुनावो से बहुत अलग है। प्राय विकास और हिंदुत्व को लेकर आगे बढ़ने वाली भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में बार बार मुद्दे बदलने पड़ रहे हैं।

चुनाव के एलान के बाद विकास का एजेंडा लेकर प्रचार में कूदी भारतीय जनता पार्टी ने अचानक ही विकास और गुजरात मॉडल को ठन्डे बस्ते में डाल दिया। अब बीजेपी नेता चुनावी मंचो से गुजरात मॉडल की बात नहीं करते और न ही गुजरात में हुए विकास के उदाहरण कोड कर रहे हैं।

कारण बहुत साफ़ है, गुजरात में इस बार रणनीति बदलकर चुनाव लड़ रही कांग्रेस ने गुजरात के विकास और गुजरात मॉडल की सच्चाई जनता के सामने रख दी है। ऐसे में बीजेपी के विकास और गुजरात मॉडल के एजेंडे जनता के बीच में थोथे साबित होने लगे थे।

विकास और गुजरात मॉडल से हटी बीजेपी ने तुरंत ही हिंदुत्व का मुद्दा पकड़ा और चुनावी सभाओं में हिंदुत्व और मंदिरो की बात होने लगी। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुत्व से जुड़े कई बयान दिए। वहीँ बीजेपी के स्टार प्रचारकों में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उमा भारती ने भी अपनी चुनावी सभाओं में कड़क हिंदुत्व की बात की लेकिन इस मुद्दे पर भी बीजेपी बहुत दिनों तक नहीं टिक पाई। इसका बड़ा कारण यह रहा कि जनता को बीजेपी के कड़क हिंदुत्व की जगह कांग्रेस का सॉफ्ट हिंदुत्व ज़्यादा रास आ रहा था। इसका अंदाजा बीजेपी को योगी आदित्यनाथ की सभाओं में जुट रही भीड़ की तादाद को देखकर लग गया था।

गुजरात में योगी आदित्यनाथ ने जितनी भी रैलियां और रोड शो किये सभी फ्लॉप रहे। गुजरात की जनता ने उन्हें बुरी तरह नकार दिया। यही हाल उमा भारती का भी रहा। कड़क हिंदुत्व का मुद्दा थोथा साबित होते देख बीजेपी ने फिर मुद्दा बदला।

यह वह समय था जब बीजेपी को अपने आंतरिक सर्वेक्षणों में यह पता चल चूका था कि पार्टी राज्य में बुरी तरह पिछड़ चुकी है। इसलिए इस बार बीजेपी ने फिर रणनीति बदली और मुसलमानो को साधने की कोशिश की। संभवतः बीजेपी नेताओं की सोच मुसलमानो के 5 फीसदी वोटों को अपनी तरफ मिलाने की रही होगी।

इसलिए बीजेपी नेताओं ने अपने मुस्लिम चेहरों को मुसलमानो के बीच भेजा लेकिन मुसलमानो ने तीन तलाक पर मोदी सरकार द्वारा की गयी छेड़छाड़ पर नाराज़गी जताते हुए दो टूंक शब्दों में बीजेपी को वोट देने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद बीजेपी की तरफ से मुसलमानो को मनाने की कोशिशें जारी हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सभाओं में तीन तलाक पर कानून बनाने की बात कहकर मुस्लिम महिलाओं के बीच बीजेपी को वोट देने का सन्देश दे रहे हैं।

चुनाव में मुद्दों को कपड़ो की तरह बदलने का क्रम अभी यहीं खत्म नहीं हुआ। अब गुजरात में बीजेपी अयोध्या की बात कर रही है। कल सुप्रीमकोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के बाद आज पूरे दिन बीजेपी नेताओं ने अपनी चुनावी सभाओं में जल्द राम मंदिर निर्माण के दावे किये। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने आज अपनी चुनावी सभाओं में राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार बताया।

बीजेपी राम मंदिर मुद्दे पर कितने दिन टिकेगी फ़िलहाल ये कहना मुश्किल है लेकिन ये तय है कि बीजेपी जल्दी ही इस मुद्दे को छोड़कर दूसरे मुद्दे पर शिफ्ट हो जाएगी। बीजेपी अभी भी इस बात को स्वीकार नहीं कर रही कि गुजरात में इस बार सरकार विरोधी लहर है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं में भीड़ न जुटने के बावजूद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अभी भी 150 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं।

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