गुजरात: कहीं यूपी निकाय चुनावो की तरह न उड़ जायें वोटर लिस्ट से नाम

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावो में बड़े स्तर पर मतदाताओं के नाम गायब होने की खबरों पर बीजेपी के मतदाताओं को शंका है कि कहीं गुजरात में भी इसी तरह का खेल न खेला जाए।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावो में अमूमन हर सीट पर मतदाताओं के नाम गायब मिले थे। मतदाता सूचियों में से एक दो नाम नहीं बल्कि पूरे पूरे परिवारों के सदस्यों के नाम उड़ा दिए गए थे। शहरी इलाको की मतदाता सूचियों से नाम गायब होने की शिकायतें अधिक पायी गयीं।

मतदाता सूची में से नाम गायब होने के पीछे क्या अहम कारण है इस पर चुनाव में ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को भी जानकारी नहीं थी। मतदाता सूची में नाम न होने के चलते कई बूथों पर हो हल्ला और हंगामा भी हुआ लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।

मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब करने या उन्हें दूसरी बूथों से जोड़ने को लेकर चुनाव आयोग की तरफ से भी कोई सफाई नहीं दी गयी है। वोटरलिस्ट से नाम गायब होने की अधिक शिकायतें उन्ही क्षेत्रों से आयीं जहाँ नगर निगम के चुनाव थे और ईवीएम का इस्तेमाल किया गया था।

यूपी के निकाय चुनाव में मतदाता सूचियों से नाम गायब होने की घटना को लेकर अब गुजरात के लोग भी आशंकित हैं कि कहीं उनके नाम भी वोटर लिस्ट से गायब न कर दिए जाएँ। गुजरात में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पहले चरण के लिए 9 दिसंबर और दूसरे चरण के लिए 14 दिसंबर को मतदान होना है।

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