गीता और गायत्री मंत्र में उलझी है हरियाणा सरकार

चंडीगढ़। गीता जयंती समारोह पर लाखो रुपये खर्च करने के बाद अब हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार गायत्री मंत्र में उलझ गयी है। हरियाणा सरकार ने राज्य के स्कूलों में होने वाली सुबह की प्रार्थना में गायत्री मंत्र के पाठ को शामिल करने का फैसला किया है।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने बताया कि प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और अन्य पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को हुई बैठक के बाद इसका फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र हमारे संतों द्वारा दिया गया उपहार है और इस संबंध में मंगलवार को एक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “शिक्षा का स्तर कैसे ऊंचा हो, शिक्षा में नैतिकता कैसे आए, संस्कार कैसे उसमें डाले जाएं, उस नाते से बहुत से विषयों पे शिक्षा विभाग ने विचार किया. उसमें ये सब बातें शामिल हैं।”

फैसले की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि खट्टर सरकार को गीता से कर्म करने की सीख लेनी चाहिए। बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने स्कूलों के पाठ्यक्रम में गीता के श्लोकों को शामिल करने का फैसला किया था।

गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित गीता महोत्सव में खर्च किए गए पैसे का मामला उछला था। सूचना का अधिकार (RTI) से खुलासा हुआ कि कुरुक्षेत्र में हुए अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह से के लिए 10 गीता की कीमत तीन लाख अस्सी हज़ार रूपए चुकाई गयी।

आरटीआई से हुए खुलासे में साफ हुआ है 3 लाख 80 हजार रुपए में 10 गीता की प्रतियां खरीदी गई। इतना ही नहीं सरकार ने 3 लाख के मोमेंटो खरीदे और हेमा मालिनी के शो पर 15 लाख खर्चे जबकि सफीदों की संस्था के 10 लाख रुपये दिए।

गीता जयंती के नाम पर सरकार ने समारोह के लिए 30 हजार के गमले, 2 लाख के थैले और 6 लाख रुपये जादूगर के नाम पर लूटा दिए साथ ही दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को एक कार्यक्रम के 10 लाख रुपये दिए गए।

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