गाज़ीपुर में मृतक सिपाही के बेटे का सवाल: पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो क्या उम्मीद रखें

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर में कल पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के बाद निषाद समाज के लिए आरक्षण की मांग को लेकर भड़की हिंसा में पथराव के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मी की मौत के बाद अब स्थानीय प्रशासन के अलावा प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

एक ही महीने में भीड़ द्वारा की गयी हिंसा में दो पुलिस कर्मियों की मौत के बाद प्रदेश में भीड़तंत्र को लेकर प्रश्नचिन्ह लग गया है। इससे पहले 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह भीड़तंत्र का शिकार हो गए थे।

बुलंदशहर की घटना में मारे गए पुलिस अधिकारी सुबोध सिंह के बेटे के बाद अब गाज़ीपुर में मृतक पुलिस कांस्टेबल सुरेश वत्स के बेटे वीपी सिंह ने सवाल उठाये हैं। वीपी सिंह ने कहा कि पुलिस अपनी सुरक्षा नहीं कर पा रही है। हम उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं? अब हम मुआवजे के साथ क्या करेंगे?

गौरतलब है कि कल भीड़ द्वारा किये गए पथराव का शिकार हुए पुलिस कांस्टेबल सुरेश वत्स की मौत हो गयी थी। पुलिस के मुताबिक सुरेश वत्स के सिर में चोट लगने के कारण उनकी मौत हुई। इस घटना में पुलिस ने 32 नामजद और 60 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है, साथ ही करीब 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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