गठबंधन को लेकर अब सोनिया संभाल सकती हैं कमान, शीला दीक्षित से चर्चा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में सामान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन कर रही कांग्रेस का उत्तर प्रदेश और दिल्ली में गठबंधन नहीं हो सका है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने 11 उम्मीदवारों के नाम का एलान भी कर दिया है।

बताया जा रहा है कि प्रयासों के बावजूद उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के साथ तालमेल नहीं बन सका है। वहीँ सूत्रों के हवाले से मिली एक खबर के मुताबिक गठबंधन को लेकर अब यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी बातचीत को आगे बढ़ाएंगी।

शनिवार रात को सोनिया गांधी और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के बीच दिल्ली में गठबंधन को लेकर अहम मुलाकात हुई। सूत्रों ने कहा कि करीब 40 मिनिट तक चली इस मुलाकात में दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत हुई।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने सोनिया के साथ मुलाकात के बाद एक बार फिर कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं हो रहा है। शीला दीक्षित ने कहा, “राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद हुआ फैसला (आप के साथ गठबंधन के खिलाफ) अब भी बरकरार है।”

वहीँ सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा बसपा और कांग्रेस के बीच फंसे पेंच को निकालने के लिए अब सोनिया गांधी कमान संभालेंगी और गठबंधन को लेकर नए सिरे से बातचीत की जाएगी।

सूत्रों ने कहा कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लिया था लेकिन दोनों ही राज्यों में कांग्रेस के गठबंधन में शामिल न होने पर बीजेपी को बड़ा फायदा मिल रहा है।

ऐसे में सम्भव है कि कांग्रेस दोनों राज्यों में गठबंधन को लेकर नए सिरे से बातचीत कर गठबंधन में आ रही अड़चनों को दूर करे। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी इकलौती ऐसी शख्सियत हैं जो राहुल गांधी और अहमद पटेल को बलिदान देने के लिए कहने का माद्दा रखती हैं।

हालाँकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों ने दिल्ली में किसी तरह के गठबंधन को लेकर सभी संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया है। सूत्रों ने कहा कि आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन के लिए कोई संभावनाएं नहीं बची हैं।

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