क्या सरकार की ढिलाई के कारण रद्द पासपोर्ट पर विदेश यात्रायें करता रहा नीरव मोदी

नई दिल्ली। हज़ारो करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी मामले में हुए खुलासे में सामने आया है कि वह भारत सरकार द्वारा रद्द किये गए पासपोर्ट पर कई बार विदेश यात्रा करता रहा है।

पासपोर्ट रद्द किये जाने के बावजूद नीरव मोदी उसी पासपोर्ट पर नीरव मोदी के विदेश यात्रायें करने के पीछे विदेश मंत्रालय की बड़ी चूक बताया जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द होने की जानकारी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को क्यों नहीं दी गई?

इंटरपोल ने भारतीय जांच एजेंसियों को सूचना दी है कि फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी पासपोर्ट रद्द होने के बाद भी अलग-अलग देशों की यात्रा कर रहा है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, विदेश मंत्रालय द्वारा 24 फरवरी को नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द करने के बाद भी वह मार्च में चार बार दूसरे देशों की यात्रा पर गया था।

भारतीय एजेंसियों को पांच मई को भेजी गई चिट्ठियों में इंटरपोल ने कहा है, 15 मार्च से 31 मार्च के बीच नीरव ने भारतीय पासपोर्ट से अमेरिका, ब्रिटेन और हांकांग की यात्रा की थी। इंटरपोल के मुताबिक, 15 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च और 31 मार्च को उसने ये यात्राएं की है।

गौरतलब है कि कि 24 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी, मेहुल चौकसी का पासपोर्ट रद्द कर दिया था. मंत्रालय ने कार्रवाई तब की है जब उन्होंने इस संदर्भ में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया था।

कांग्रेस ने पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी और हीरा कारोबारी नीरव मोदी के कई देशों की यात्रा करने को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि सरकार जब यह दावा कर रही है कि नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है तब भी वह कई देशों की यात्रा कैसे कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बैंकों को लूटकर भाग जाने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

उऩ्होंने सवाल किया कि नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द होने की जानकारी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को क्यों नहीं दी गई? उन्होंने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है और इसमें सरकार की मिलीभगत दिख रही है। शुक्ला ने कहा कि विदेश मंत्रालय इस बात का जवाब दे कि वह हाथ पर हाथ धरकर क्यों सोता रहा। उन्होंने कहा कि ब्रिटश मंत्री ने कहा है कि नीरव मोदी ने उनके यहां शरण मांगी है। इससे यह साफ होता है कि ब्रिटेन की सरकार इस मुद्दे पर भारत सरकार से ज्यादा सतर्क है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लोगों में इस बात का शक बैठ रहा है कि मोदी सरकार ‘छोटा मोदी’ को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों का बैंकिंग सिस्टम में विश्वास धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है, लोगों ने बैंकों में बचत खातों में पैसा देना कम कर दिया है।

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