कीर्ति आज़ाद और हार्दिक पटेल के बाद अब वरुण और शत्रु पर टिकी हैं कांग्रेस की निगाहें

नई दिल्ली। लोकसभा चुनावो के एलान के बाद कल गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए। हार्दिक पटेल ने पाटीदारो के लिए आरक्षण की मांग को लेकर गुजरात में बड़ा आंदोलन खड़ा किया था।

कल गुजरात में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान हार्दिक पटेल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए।

इससे पहले हाल ही में बेगूसराय से सांसद कीर्ति आज़ाद बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। डीडीसीए मामले में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर कीर्ति आज़ाद को बीजेपी से निलंबित किया गया था।

वहीँ अब माना जा रहा है कि पटना साहेब से बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि शत्रुघ्न सिन्हा राजद के उम्मीदवार के तौर पर पटना साहेब से चुनाव लड़ेंगे लेकिन बिहार में हुए गठबंधन के बाद पटना साहेब लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में आने के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे।

शत्रुघ्न सिन्हा की तरह ही बीजेपी सांसद वरुण गांधी को लेकर भी उत्तर प्रदेश में चर्चाएं चल रही हैं। कहा जा रहा है कि वरुण गांधी भी बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ने के पक्षधर नहीं हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जुगलबंदी के बाद वरुण गांधी बीजेपी में हाशिये पर चले गए हैं। उन्हें न तो पार्टी में कोई ज़िम्मेदारी दी गयी है और न ही सरकार में।

पिछले दिनों गल्फ न्यूज़ में वरुण गांधी के एक करीबी मित्र के हवाले से दावा किया गया था कि अब वरुण गांधी बीजेपी के टिकिट पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते। इस खबर के बाद यह कयास लगने शुरू हो गए कि यदि वरुण गांधी बीजेपी से चुनाव नहीं लड़ेंगे तो उनका अगला ठिकाना कौन सी पार्टी में होगा ?

हालाँकि वरुण गांधी कांग्रेस में शामिल होने की खबरों का खंडन करते रहे हैं लेकिन बड़ा सवाल आज भी जस का तस खड़ा है कि यदि वरुण का बीजेपी से मोह भंग हुआ है तो वे किस पार्टी का दामन थामने वाले हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में बड़ी ज़िम्मेदारी दी है। कहा जा रहा है कि वरुण गांधी नियमित तौर पर अपनी बहिन प्रियंका के सम्पर्क में बने हुए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि वरुण गांधी बीजेपी उम्मीदवारों के नाम वाली सूची जारी होने का इंतज़ार कर रहे हैं।

वहीँ बीजेपी के आंतरिक सूत्रों की माने तो पार्टी उत्तर प्रदेश में कई सांसदों का टिकिट काटने जा रही है। यदि वरुण गांधी का भी टिकिट कटता है तो मजबूरन उन्हें दूसरी पार्टी में ठिकाना बनाना पड़ेगा।

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