किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में मोदी सरकार को बताया ज़िम्मेदार

मुंबई। दलितों और किसान हितो के मुद्दे पर लगातार घिर रही मोदी सरकार की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। अब महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के राजुरवाड़ी गांव में कर्ज के बोझ से दबे एक किसान ने आत्म हत्या कर ली।

किसान ने अपने सुसाइड नोट में पीएम नरेंद्र मोदी सहित कई लोगों को ज़िम्मेदार बताया है। सुसाइड नोट में किसान ने लिखा कि उसने किस तरह सरकारी अधिकारियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों से मदद मांगी थी, लेकिन उनकी उपेक्षा की गई।

सुसाइड नोट में किसान ने लिखा कि उसके पास नौ एकड़ खेत है। कपास की खेती के लिए उन्होंने सहकारी समिति से 90 हजार रुपये और निजी स्तर पर तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था लेकिन, रोग के कारण फसल नष्ट हो गई और कर्ज चुकाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया।

इतना ही नहीं सुसाइड नोट में किसान ने लिखा है, “मेरे ऊपर बहुत बड़ा कर्ज का बोझ है। इसलिए मैं खुदकुशी कर रहा हूं। नरेंद्र मोदी सरकार इसके लिए जिम्मेदार है।

सुसाइड करने वाले किसान की पहचान शंकर भाऊराव चायरे के रूप में हुई है। उसके परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटियां (एक शादीशुदा) और एक बेटा है। गाँव के लोगों के अनुसार शंकर भाऊराव चायरे ने सुबह के समय अपने खेत में एक पेड़ से लटककर जान देने की कोशिश की, लेकिन रस्सी टूट गई। इसके बाद उन्होंने जहर खा लिया।

गाँव के लोग चायरे को लेकर स्थानीय अस्पताल में पहुंचे लेकिन चिकित्सकों ने नाजुक हालत के कारण उन्हें यवतमाल ले जाने को कहा। उन्हें वहां एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी तब तक मौत हो चुकी थी। मृतक किसान के पास से चार पेज का हाथ से लिखा हुआ एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। यह सुसाइड नोट पुलिस ने अपने कब्ज़े में ले लिया है।

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