किसानो ने पीएम मोदी को भेजे 17 रुपये के चेक

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानो की न्यूनतम आय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 6 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध होना शुरू हो गया है। सरकार के इस प्रस्ताव के लागू होने से पहले ही किसानो ने इसे सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

सरकार के प्रस्ताव पर विरोध जताते हुए किसानो से इसे नाकाफी बताया है और विरोध स्वरूप 17-17 रुपये के चेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे हैं। किसानो का कहना है कि पेंशन के नाम पर सरकार उनका अपमान कर रही है।

किसान कांग्रेस के नेशनल ज्वाइंट कॉर्डिनेटर राजू मान की अगुवाई में किसानों ने एकजुट होकर कहा कि पहले सरकार उनके कर्जे माफी करे और बर्बाद फसलों का मुआवजा दे, फिर पेंशन योजना को बढ़ाकर किसानों को दें। ऐसा नहीं होने पर किसान कांग्रेस आगामी दिनों में किसानों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम बजट में किसानों को छह हजार वार्षिक भत्ता देना सिर्फ जुमला है। जो आगामी चुनावों को देखते हुए किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। किसान को एक दिन में 17 रुपये देकर सरकार ने किसानों के घावों पर मरहम लगाने की जगह नमक छिडक़ने का काम किया है।

मान ने कहा कि इतने पैसे में किसान का परिवार एक वक्त की चाय भी नहीं पी सकता। यही वजह है आज यहां किसान 17-17 रुपये के चेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लौटाने आए हैं। प्रेस वार्ता में उपस्थित किसानों ने कहा कि लाखों का सूट पहनने वाले प्रधानमंत्री एक किसान के दर्द को नहीं समझ सकते।

किसानों ने कहा कि उनको नींद से जगाने के लिए उनको ये चेक भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुध लेने की बजाए लगातार उनकी मांगों को अनसुना किया जाता रहा है। इसी कारण विवश होकर किसान ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि बर्बाद फसलों का मुआवजा मिलने व उनका कर्जा माफ होने तक संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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