कार्यसमिति की बैठक में फैसला: सोनिया गांधी होंगी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष

नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की शनिवार को सम्पन्न हुई बैठक में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को कांग्रेस पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों के होने और नियमित अध्यक्ष के चुने जाने तक सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभालेंगी।

इसके साथ ही प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी की ओर से जम्मू और कश्मीर की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता भी व्यक्त की गई। कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से केंद्र सरकार से सभी विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर में जाकर हालात का जायजा लेने के लिए जाने देने की मांग की गई।

इससे पहले कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) ने शनिवार को दो घंटे की बैठक के बाद शाम को फिर बैठक बुलाई। वहीं, दिन की पहली बैठक में सीडब्ल्यूसी ने राहुल गांधी से इस्तीफा वापस लेने और पद संभालने की भी मांग की। राज्यों के नेताओं की राय जानने के लिए सीडब्ल्यूसी की पांच उप समितियां भी बनाई गईं। पार्टी के राज्य नेतृत्व की तरफ से भी राहुल गांधी को कमान संभालने की बात कही गई।

सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने राहुल गांधी से अपने फैसले पर विचार करने का आग्रह किया। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल से अपने फैसले पर विचार करने के लिए और समय लेने को कहा। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि वह पार्टी की अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भाग रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि नए अध्यक्ष के चुने जाने के बाद वह पार्टी के लिए और अधिक समय दे पाएंगे।

इससे पहले नए अध्यक्ष का नाम तय करने के लिए क्षेत्रीय आधार पर अलग अलग कमेटियां बनाई गयीं थीं। इनमे से अधिकांश कमेटियां राहुल गांधी के अध्यक्ष बने रहने के पक्ष में थीं लेकिन राहुल गांधी ने इसे अस्वीकार कर दिया।

ऐसे में सोनिया गांधी के समक्ष अध्यक्ष बनने के लिए प्रस्ताव रखा गया, जिसे उन्होंने कार्यसमिति की अगली बैठक होने तक अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर कार्य करने के रूप में स्वीकार कर लिया।

बैठक में राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ अहमद पटेल, पी. चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रियंका गांधी वाड्रा, सचिन पायलट, जितिन प्रसाद और सिद्दारमैया जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ अन्य लोग मौजूद थे।

क्षेत्रीय आधार पर बनी ये कमेटियां :

पूर्वोत्तर क्षेत्र:
अंबिका सोनी, अहमद पटेल, ओमान चांडी, हरीश रावत, दीपक बाबरिया, बालासाहब थोराट, अनुग्रह नारायण सिंह, केएच मुनियप्पा, एल फेलेरियो, मीरा कुमार, अरुण यादव और सचिन राव

पूर्व क्षेत्र:
सोनिया गांधी, तरुण गोगोई, कुमारी शैलजा, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, आरपीएन सिंह, पीएल पुनिया, शक्ति सिंह गोहिल, दीपेंद्र हुड्डा और सुस्मिता देव

उत्तरी क्षेत्र:
प्रियंका गांधी वाड्रा, अविनाश पांडेय, ताम्रध्वज साहू, रघुवीर मीणा, पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीसी चाको, आशा कुमारी, जी संजीव रेड्डी और रजनी पाटिल

पश्चिमी क्षेत्र:
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, एके एंटनी, के सिद्दारमैया, जितिन प्रसाद, कुलदीप विश्नोई, श्रीनिवास बीवी और गौरव गोगोई

दक्षिणी क्षेत्र:
मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, अधीर रंजन चौधरी, रणदीप सुरजेवाला, तारिक हमीद कारा, लालजी देसाई, नीरज कुंडल और राजीव सातव

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