कांग्रेस से बढ़ रही नजदीकियों पर कयास: 2019 से पहले कांग्रेस के हो जायेंगे ये बीजेपी सांसद

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी के काम करने के तरीके से क्षुब्द कई बीजेपी सांसदो की कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियों को लेकर अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आम चुनावो से पहले कई बीजेपी सांसद इधर से उधर हो सकते हैं।

इनमे कई सांसद वे हैं जो 2014 से पहले अन्य पार्टियां छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद लगातार हाशिये पर रखे जाने से नाराज़ ये सांसद कहीं न कहीं कांग्रेस के सम्पर्क में हैं और समझा जाता है कि वे 2019 के लोकसभा चुनावो का एलान होते होते बीजेपी को अलविदा कह देंगे।

सूत्रों की माने तो बीजेपी से मोहभंग होने वाले इन सांसदों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के हैं। सूत्रों ने कहा कि इनमे सबसे बड़ी तादाद यूपी और बिहार के सांसदों की है।

बिहार के दरभंगा से सांसद कीर्ति आज़ाद को बीजेपी ने एक अर्से से निलंबित किया हुआ है। उन्होंने डीडीसीए को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाए थे। ऐसे में बीजेपी द्वारा हाशिये पर धकेले गए कीर्ति आज़ाद अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। सूत्रों की माने तो कीर्ति आज़ाद कांग्रेस के सम्पर्क में हैं।

वहीँ बीजेपी के शत्रु कहे जाने वाले फिल्म अभिनेता और पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी पीएम मोदी और अमित शाह के काम करने के तरीके से खुश नहीं हैं और बीजेपी में असहज महसूस कर रहे हैं। शत्रुघ्न सिन्हा कई मौको पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से बीजेपी नेतृत्व को लेकर हमला बोलते रहे हैं।

सूत्रों की माने तो पार्टी नेतृत्व द्वारा हाशिये पर धकेले गए शॉटगन का भी बीजेपी से मोह भंग हो चूका है और वे भी आम चुनावो के एलान से पहले बीजेपी को अलविदा कह सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से बीजेपी में गए जगदम्बिका पाल भी बीजेपी से पाला बदलने की फ़िराक में हैं। जगदम्बिका पाल को सरकार अथवा पार्टी में कोई ज़िम्मेदारी नही दिए जाने से खुद को अपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जगदम्बिका पाल भी बीजेपी में घुटन महसूस कर रहे हैं और जल्दी ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा पिछले कुछ महीनो से लगातार बीजेपी नेतृत्व पर हमले कर रहे हैं। इतना ही नहीं यशवंत सिन्हा ने हाल ही में महाराष्ट्र के अकोला में किसानो की मांगो के समर्थन में धरना भी दिया था। उन्होंने किसानो की समस्याओं के लिए सीधे सीधे पीएम मोदी और केंद्र की नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया था।

कहा जाता है कि यशवंत सिन्हा के शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आज़ाद के करीबी रिश्ते हैं। कई मौको पर ये एक दूसरे का खुले आम समर्थन करते रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यशवंत सिन्हा की बीजेपी से रुखसत होना तय है।

सूत्रों की माने बिहार के दो और बीजेपी सांसद भी यशवंत सिन्हा के सम्पर्क में हैं। जो बीजेपी में पीएम मोदी और अमित शाह के काम करने के तरीके और पार्टी द्वारा नजरअंदाज किये जाने से नाराज़ हैं। सूत्रों ने कहा कि बिहार के कम से कम दो से पांच सांसद लोकसभा चुनावो के एलान से पहले बीजेपी छोड़ देंगे।

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज़ होकर बीजेपी सांसद नाना पटोले ने संसद की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। इतना ही नहीं नाना पटोले ने गुजरात चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच भी साझा किया था। नाना पटोले का कांग्रेस में आना तय माना जा रहा है।

सूत्रों की माने तो नाना पटोले जैसे कई और सांसद भी हैं जो जल्द ही अपने पत्ते खोल सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि कुछ बीजेपी सांसद स्वयं को लगातार नज़रअंदाज किये जाने से नाराज़ हैं तो कुछ मोदी सरकार के कामकाज से खुश नहीं हैं। यही बड़ा कारण भी है कि करीब एक दर्जन बीजेपी सांसद और पूर्व सांसद अब सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हैं।

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