कांग्रेस मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में गठबंधन करके और राजस्थान में अकेले लड़ेगी चुनाव

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने गठबंधन के लिए बातचीत शुरू कर दी है वहीँ राजस्थान में पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस डेढ़ दशक से सत्ता से बाहर है। ऐसे में इस वर्ष होने जा रहे विधानसभा चुनावो को लेकर पार्टी एक एक कदम फूँक फूँक कर रख रही है।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और कोर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बातचीत कर रहे हैं।

खबर के अनुसार मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन करने के लिए बातचीत सकारात्मक दिशा में पहुँच चुकी है। पिछले विधानसभा चुनावो में बीएसपी को राज्य में चार सीटें मिली थीं और उसने 7 फीसदी वोट हासिल किये थे।

मध्य प्रदेश में 34 सीटें आरक्षित हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस और बीएसपी यदि मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो इन 34 सीटों के अलावा करीब 48 अन्य सीटें ऐसी हैं जिन पर गठबंधन होने पर राजनैतिक समीकरण बदल सकते हैं।

वहीँ छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस बीएसपी के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) को लेकर गठजोड़ बनाकर चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बीएसपी और जीजीपी दलित और आदिवासी मतदाताओं में बड़ी सेंध लगाकर बीजेपी के वोट बैंक को बड़ा नुक्सान पहुंचा सकते हैं।

हालाँकि अभी हाल ही में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएलपूनिया ने राज्य में किसी से गठबंधन से इंकार किया था लेकिन सूत्रों की माने तो गठबंधन को लेकर कांग्रेस की बसपा और जीजीपी से गंभीर बातचीत चल रही है।

वहीँ राजस्थान में कांग्रेस अकेले दम पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है। राजस्थान में एक बार कांग्रेस तो एक बार गैर कोंग्रेसी दलों की सरकार बनती रही हैं। जानकारों की माने तो यहाँ की जनता ने अधिकतर जिस पार्टी की राज्य में सरकार रही है उसके खिलाफ वोट किया है। ऐसे में इस बार कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत हैं।

दूसरा राजस्थान में बीजेपी के अंदर चल रही उठापटक और वसुंधरा सरकार से किसानो और बरोज़गारो की नाराज़गी का लाभ कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है। सूत्रों की माने तो राजस्थान में कांग्रेस अपने बुते चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावो को अगले आम चुनावो के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। यदि इन राज्यों के विधानसभा चुनावो में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो 2019 के आम चुनावो से पहले पार्टी के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी वहीँ बीजेपी को इस पर चिंतन करना पड़ेगा।

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