चित्रकूट उपचुनाव: कांग्रेस ने नीलांशु चतुर्वेदी को बनाया उम्मीदवार

भोपाल। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में होने जा रहे विधानसभा के उपचुनाव को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अग्नि परीक्षा माना जा रहा है। कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह के निधन से खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव के लिए 9 नवंबर को वोट डाले जायेंगे।

इस सीट पर कांग्रेस ने नीलांशु चतुर्वेदी और बीजेपी ने शंकर दयाल को उम्मीदवार बनाया है। वहीँ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी महेन्द्र कुमार और अवध बिहारी मिश्रा निर्दलीय उम्मीदवार हैं।

चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस और बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। जहाँ एक तरफ कांग्रेस इस सीट पर कब्ज़ा बनाये रखने के लिए पूरी ताकत लगाएगी वहीँ बीजेपी इस सीट को जीतने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपचुनाव के मद्देनजर इस इलाके का कई बार दौरा कर चुके हैं और कई बड़ी घोषणाएं भी कर चुके हैं। वहीँ उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे चित्रकूट में बीजेपी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रचार के लिए मैदान में उतार कर हिंदुत्व कार्ड भी आजमाएगी।

चित्रकूट विधानसभा चुनावो में कांग्रेस ने 1985, 1998, 2003 और 2013 में जीत दर्ज की है वहीँ 1990 में इस सीट पर जनतादल और 1993 में बीएसपी उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। 1985 से लेकर अब तक भारतीय जनता पार्टी यहाँ से सिर्फ एक बार वर्ष 2008 के चुनावो में विजयी रही है।

चित्रकूट को कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है। 1957 से लेकर 2013 तक यहाँ 12 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं जिनमे कांग्रेस ने 6 बार जीत दर्ज की है। वहीँ बीजेपी, जनता दल और बीएसपी ने एक एक बार यह सीट जीती है।

इस सीट पर 1957 में आरआरपी और 1967 में पीएसपी नामक पार्टियों के उम्मीदवार चुनाव जीते हैं वहीँ 1977 में जब पूरे देश में कांग्रेस विरोधी लहर थी तब यहाँ जनता पार्टी उम्मीदवार विजयी रहे थे।

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