कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में 2019 के रोडमैप पर मुहर, गठबंधन से लेकर राफेल तक हुई चर्चा

नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की आज सम्पन्न हुई बैठक में 2019 के लिए रोडमैप तय हुआ। इतना ही नहीं मोदी सरकार को घेरने के लिए राफेल विमान सौदा, असम में एनआरसी ड्राफ्ट के बाद राजनैतिक स्थति, बेरोज़गारी और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर गहन बातचीत हुई।

शनिवार को आयोजित बैठक के बाद पार्टी महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि ये तीनों बड़े मुद्दे हैं लेकिन आज तक सरकार की ओर से इसका जवाब नहीं आ रहा है। पार्टी की संचार विभाग के संयोजक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया कि कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद के अंदर और बाहर ऐसा व्यापक जनांदोलन तैयार करेंगे, ताकि इस सरकार को मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार किया जाए।

गहलोत ने कहा कि बेरोजगारी को लेकर देशभर में युवाओं में आक्रोश है और इस पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक लगातार होने का मतलब ये है कि इन मुद्दों पर कांग्रेस सक्रिय है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पार्टी ने चार राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

सुरजेवाला ने कहा कि राफेल हो या बैंक घोटाले हों, मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के हर मामले को उजागर करने की निर्णायक लड़ाई पूरा विपक्ष लड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण देश को राफेल जहाज की कीमत बताने से क्यों बच रहे हैं?

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बैंकों के घोटाले करने वालों को भगाने में खुद संलिप्त है। सच्चाई ये है कि भगोड़ों का साथ और भगोड़ों का विकास मोदी सरकार का नारा बन गया है। 2015 से 2017 तक बैंकों के घोटाले होते रहे और मई 2017 में मोदी सरकार का विदेश मंत्रालय कहता है कि मेहुल चौकसी के खिलाफ कोई मामला नहीं। कार्यसमिति ने देश में आए दिन हो रहे बैंक घोटालों को लेकर गहन चिंता व्यक्त की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा एनआरसी प्रक्रिया को सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने के अवसर के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस कार्यसमिति ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे मोदी सरकार के इस षडयंत्र को सफल न होने दें। उन्होंने कहा कि असम एकार्ड स्व. राजीव गांधी द्वारा असम में विकास को गति देने और शांति लाने के लिए साइन किया गया था। कांग्रेस पार्टी एक बार फिर असम एकार्ड के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है।

सुरजेवाला ने कहा कि हमें इस बात का आभास है कि इस एनआरसी की अंतिम मसौदा सूची के बाद करीब 40 लाख लोग प्रक्रिया से बाहर रह गए। कांग्रेस कार्यसमिति और कांग्रेस पार्टी का ये मानना है कि हर भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने का संपूर्ण तर्कसंगत और न्यायसंगत अवसर मिलना चाहिए।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *