कर्मचारी भविष्य निधि के आंकड़ों को रोज़गार के आंकड़े बता रहे पीएम मोदी: कांग्रेस

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए गए इंटरव्यू में पिछले वर्ष एक करोड़ नौकरियां दिए जाने के दावे को कांग्रेस ने ख़ारिज कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) के आंकड़ों को रोज़गार के आंकड़े बता रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि रकार की तरफ से विरोधाभासी बयान दिए जा रहे हैं। कभी कहा जाता है कि आंकड़े नहीं हैं, तो कभी कहते हैं कि साल में एक करोड़ नौकरी दी। ईपीएफओ के आंकड़ों को नौकरी बताना गलत है।

उन्होंने कहा कि ट्रकों के क्लीनर को रोजगार बताना आंकड़ों के साथ खिलवाड़ करना है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि आंकड़े बताते हैं नोटबंदी से असंगठित क्षेत्र में एक करोड़ से ज्यादा नौकरियां गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लेबर ब्यूरो का सर्वे रोक दिया जिससे सही आंकड़े सामने न आएं। वहीं मुद्रा योजना के 51 फीसदी लाभार्थियों का लोन 23000 रुपए है। इससे क्या होगा ?

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने अपने साक्षात्कार में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा था कि 45 लाख नये खाते खोले गये हैं और पिछले 9 माह के दौरान 5.68 लाख लोग नई पेंशन स्कीम से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि ईपीएफओ खातों की संख्या से पता चलता है कि पिछले साल में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले हैं।

अब कांग्रेस ने पीएम मोदी के इस दावे को ख़ारिज कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि ईपीएफओ खातों की संख्या को रोज़गार दिए जाने के आंकड़े नहीं माना जा सकता।

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