कर्नाटक: 24 घंटे में ही अपने दावे से पलटे येदुरप्पा

नई दिल्ली। कर्नाटक में चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब सत्ता को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं। कल चुनाव के बाद आये 6 एग्जिट पोल में से चार में बीजेपी और दो में कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर आने की संभावना व्यक्त की गयी है।

हालाँकि ये अभी एग्जिट पोल के नतीजे हैं, ज़रूरी नही कि एग्जिट पोल के नतीजे पूरी तरह खरे उतरें। असल परिणाम 15 मई को आयेंगे।

वहीँ चुनाव समीक्षकों की माने तो कर्नाटक में युवाओं का कांग्रेस के प्रति बढ़ता रुझान बीजेपी को मुश्किल में डाल सकता है। दूसरी तरफ दलित मतदाताओं ने इस बार खुलकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। इसलिए कई विधानसभाओं के परिणाम बीजेपी को बड़ा झटका दे सकते हैं।

जानकारों के अनुसार इस चुनाव में बीजेपी महिलाओं और युवाओं से निराशा हाथ लग सकती हैं। वहीँ किसानो ने तीनो पार्टियों कांग्रेस, बीजेपी और जनतादल सेकुलर को मतदान किया है। अगर किसानो के वोटों की बात करें तो किसी इलाके में कांग्रेस को तो किसी इलाके में बीजेपी को अच्छे मत मिल सकते हैं।

रेप की घटनाओं का असर:

चुनावी जानकारों की माने तो कठुआ और उन्नाव में हुई रेप की घटनाओं का असर भी कर्नाटक चुनाव में हुआ है। कभी पारंपरिक तौर पर बीजेपी को वोट करने वाली महिलाओं ने भी इस बार मन बदला और कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।

युवाओं में लोकप्रिय दिखे राहुल:

चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर दिखी उत्सुकता से कांग्रेस को कर्नाटक में फायदा होता दिखाई दे रहा है। अपनी सभाओं में युवाओं और बेरोजगारों से जुड़े मुद्दे उठाकर राहुल गांधी कर्नाटक के युवाओं का ध्यान अपनी तरफ खींचने में कामयाब रहे। इसके विपरीत बीजेपी कीई तरफ से युवा चेहरों की कमी और पूरा चुनाव पीएम नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के इर्दगिर्द सिमट गया।

येदुरप्पा पर भारी पड़े सिद्धारमैया:

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव पूर्व जितने भी सर्वे आये सभी में लोकप्रिय मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्धारमैया बीजेपी के सीएम पद के दावे बीएस येदुरप्पा पर भारी पड़े . अधिकतर सर्वे में लोगों ने माना कि येदुरप्पा की तुलना में सिद्धारमैया एक बेहतर और साफ़ छवि वाले व्यक्ति है ।

पिछड़ी जातियों में लगी सेंध:

कर्नाटक चुनावो का फैसला जो भी आये लेकिन यदि एग्जिट पोल को सच मान लिया जाए तो पिछड़ी जातियों के मतदाताओं में बीजेपी अपनी सेंध लगाने में कामयाब रही है। पिछड़ी जातियों के मतदाताओं के वोट हासिल करने में इस बार बीजेपी कांग्रेस को पीछे छोड़ सकती है।

सरकार बनाने को लेकर दावे:

एग्जिट पोल आने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस की जीत निश्चित है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मोदी और सिद्धारमैया के बीच नहीं थी, बल्कि यह लड़ाई सिद्धारमैया और बीएस येदियुरप्पा के बीच है। कांग्रेस की जीत का सारा श्रेय पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को जाता है।

24 घंटे में ही अपने दावे से पलटे येदुरप्पा:

बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के दावेदार बी एस येदुरप्पा ने मतदान करने के बाद 150 सीटें जीतने का दावा किया था लेकिन उनके दावे को 24 घंटे भी पूरे नही हुए कि उन्होंने अपने दावे में से 20 सीटें घटा दी हैं। अब येदुरप्पा 125 से 130 सीटें तक जीतने की बात कह रहे हैं।

भाषाई मर्यादा लांघने से बीजेपी को घाटा:

चुनावी जानकारों की माने तो प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित कई बीजेपी नेताओं द्वारा बार बार भाषाई मर्यादा लांघने के चलते भी बीजेपी को घाटा होने की संभावना है। दूसरी तरफ पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा इतिहास को मनगढ़ंत तरीके से पेश करने के चलते भी बीजेपी की किरकिरी होना तय है।

भाषाई मर्यादा को लेकर कानपुर में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों पर कहा कि एक पीएम के लिए इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती है। पीएम ने इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जो कि अनुचित है।

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