कर्नाटक : विश्वास प्रस्ताव विधानसभा में पेश, कुमार स्वामी का बीजेपी पर हमला

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गयी है। मुख्यमंत्री एच डी कुमार स्वामी ने राज्य की कांग्रेस जेडीएस गठबंधन सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने बीजेपी पर सरकार अस्थिर करने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि येदुरप्पा इतनी जल्दी में क्यों हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ मैं पूछना चाहता हूं कि हमारी सरकार को अस्थिर करने के पीछे कौन हैं? स्पीकर की भूमिका खराब करने की कोशिश की जा रही है। हमें कर्नाटक के विकास के लिए काम करना चाहिए।’

कुमारस्वामी ने कहा कि ‘आज सिर्फ मेरी सरकार पर ही संकट नहीं है, बल्कि स्पीकर पर भी जबरन दबाव बनाया जा रहा है। मैंने अपने कार्यकाल में जनता के लिए काम किया है। कुमारस्वामी ने कहा कि विपक्ष को सरकार गिराने की काफी जल्दी है, भाजपा इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है।’

विश्वास प्रस्ताव के दौरान बसपा विधायक एन महेश सदन में मौजूद नहीं रहेंगे। वहीँ कर्नाटक कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल जो कांग्रेस के अन्य विधायकों के साथ बंगलूरू के प्रकृति रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे, वह कल देर रात को मुंबई पहुंचे हैं। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीँ विस्वास मत प्रस्ताव से पहले मीडिया से बातचीत में बीजेपी नेता येदुरप्पा ने ने कहा कि हमें 100 फीसदी जीत का भरोसा है। कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों की संख्या 100 से कम हैं, जबकि बीजेपी विधायकों की संख्या 105 है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी कुमारस्वामी सरकार गिर रही है।

इससे पहले कल बागी विधायकों के इस्तीफ़ो को लेकर सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि इस्तीफे पर फैसला लेने के कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार अदालत के निर्देश या फैसले से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में संवैधानिक संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता बताते हुए बागी विधायकों के इस्तीफा पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय से कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।

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