कर्नाटक: येदुरप्पा से निराश बीजेपी को अब पीएम मोदी से आस

नई दिल्ली (राजाज़ैद)। कर्नाटक में होने जा रहे विधानसभा चुनावो को लेकर बीजेपी के चेहरे पर चिंता की लकीरो को देखा जा सकता है। कर्नाटक चुनाव को लेकर बीजेपी नेताओं में हो रहे जोश की कमी से पार्टी खासी चिंतित है।

भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी परेशानी उसका मुख्यमंत्री का चेहरा बने येदुरप्पा हैं जिन्हे जनता हाथो हाथ नहीं ले रही। येदुरप्पा पर बतौर कर्नाटक का सीएम रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उन्हें जेल तक जाना पड़ा था।

बीजेपी की दूसरी परेशानी उसके परम्परागत हथियार हिंदुत्व की नाकामी को लेकर है। कर्नाटक में शार्प हिंदुत्व के नाम पर जनता का सहयोग न मिलना बीजेपी के लिए बड़ी परेशानी है।

कर्नाटक में शार्प हिंदुत्व को जगाने के लिए बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें जनता ने ख़ास रेस्पोंस नहीं दिया।

विधानसभा चुनाव की जंग में दो बड़े हथियारों की नाकामी से बीजेपी नेताओं में उत्साह की कमी साफ़ दिखाई दे रही है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, सीएम पद के दावेदार येदुरप्पा की सभाओं में भीड़ न जुटना बीजेपी को राज्य में उसकी नाकामियों के संकेत दे रहे हैं।

त्रिपुरा की तरह कर्नाटक में मठो की राजनीति से फायदा उठाने की आस लगाए बैठी बीजेपी को उस समय बड़ा धक्का लगा जब 220 लिंगायत मठो के संतो ने बीजेपी को समर्थन देने की जगह कांग्रेस के समर्थन का एलान कर दिया।

यही कारण है कि बीजेपी ने संघ से राजनीति में आये राम माधव को कर्नाटक में चुनाव तक डेरा डाले रखने के लिए भेज दिया है। राम माधव संघ और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आये हैं।

दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सीएम सिद्धारमैया की जुगलबंदी जनता को रास आने लगी है। राहुल गांधी और सिद्धारमैया की सभाओं और रोड शो में जुट रही भीड़ इस बात का बड़ा संकेत है कि जनता को ये जुगलबंदी पसंद आ रही है।

कर्नाटक की राजनीति में बड़े महारथी माने जाने वाले सीएम सिद्धारमैया बीजेपी को उसी की चालो से पटखनी दे रहे हैं। लिंगायत समुदाय के मतदाताओं को कांग्रेस से जोड़ने में सिद्धारमैया की बड़ी भूमिका रही है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस के लिए 220 लिंगायत मठो का समर्थन जुटा कर बीजेपी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

ऐसे हालातो में बीजेपी एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी के करिश्मे से उम्मीद लगाए बैठी है। पार्टी सूत्रों की माने तो अब कर्नाटक में बीजेपी के सीएम पद के दावेदार येदुरप्पा की जगह पीएम नरेंद्र मोदी की सभाएं अधिक तादाद में कराई जाएंगी।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि बीजेपी नेता मानकर चल रहे हैं कि पीएम मोदी की सभाओं से कर्नाटक में बीजेपी एक बार फिर कमबैक करेगी। सूत्रों ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की सभाओं के कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है।

फ़िलहाल देखना है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति किस करवट बैठती है। जहाँ एक तरफ चुनावी प्रचार में कांग्रेस ने बीजेपी पर बढ़त बना ली है वहीँ अब बीजेपी कांग्रेस को पछाड़ने के लिए हाथ पेर मार रही है।

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