कर्नाटक में भी बीजेपी के लिए अच्छे नहीं हालात, संघ ने कहा ‘हम नहीं ज़िम्मेदार’

बेंगलुरु। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी सत्ता के लिए हाथ पैर अवश्य मार रही है लेकिन उसे सफलता नहीं मिलेगी। ये भविष्यवाणी किसी और ने नहीं बल्कि बीजेपी की रीड कही जाने वाली आरएसएस की है।

20 फरवरी को संघ के एक वरिष्ठ नेता द्वारा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कर्नाटक में जो भी चुनावी नतीजे आएंगे उसकी ज़िम्मेदारी संघ नहीं ले सकता। पत्र में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी लोगों का भरोसा बनाये रखने में कामयाब नहीं रही।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नाम लिखे गए पत्र में रामचंद्र एडाके ने कहा कि हाल में सामने आये नीरव मोदी और रोटोमैक कम्पनी के घोटालो से लोगों में बीजेपी के प्रति भरोसे में कमी आयी है। पत्र में कहा गया है कि कर्नाटक चुनाव में विपरीत परिणाम आने पर संघ को ज़िम्मेदार न समझा जाए।

पत्र में कहा गया है कि आरएसएस (संघ) अपनी वैचारिक शक्ति और अपने सिद्धांतो का पालन करते हुए काम करता है। लेकिन किसी भी चुनाव को जीतने के लिए केवल संघ का काम करना आवश्यक नहीं बल्कि बीजेपी की अपनी छाप और सरकार के कामकाजो का वास्तविक रूप से लोगों के अंदर उतरना ज़रूरी है।

पत्र में बीजेपी अध्यक्ष को आगाह किया गया है कि जिससे पहले जनता खुद सवाल पूछने लगे आपको खुद ही सवालो के जबाव दे देने चाहिए। सम्भवतः इस पत्र के बाद ही पीएम नरेंद्र मोदी ने नीरव मोदी प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी।

वहीँ जानकारों की माने तो कर्नाटक में भले ही अभी चुनाव का एलान नहीं हुआ है लेकिन वहां चुनावो जैसी स्थति बन चुकी है। कर्नाटक में हो रही सभाओं और बयानबाज़ियों को जनता गंभीरता से ले रही है।

फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष एक बार तीन दिवसीय दौरे पर कर्नाटक में हैं। राज्य में कांग्रेस की सरकार है। कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस अभी से फूँक फूँक कर कदम रख रही है।

हालाँकि कि राज्य में कौन जीतेगा ये कहना अभी जल्दबाज़ी होगी लेकिन इतना आज की तस्वीर को देखें तो नीरव मोदी मामले के बाद बीजेपी की साख को बट्टा अवश्य लगा है।

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