कर्नाटक चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने बढ़ाये पेट्रोल डीजल के दाम

नई दिल्ली। कर्नाटक के विधानसभा चुनाव सम्पन्न होते ही एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी की गयी है। इससे पहले 19 दिन पहले तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी की गयी थी। ज़ाहिर है कि कर्नाटक विधानसभा चुनावो को ध्यान में रखकर सरकार ने तेल की कीमतें नही बढ़ने दी।

सोमवार को पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने के साथ ही दिल्ली में पेट्रोल के दाम पिछले 56 महीनो के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गए हैं। सोमवार को कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 74.80 रुपये प्रति लीटर , मुंबई में 82.65 रुपये प्रति ली‍टर, कोलकाता में 77.50 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 77.61 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

तेल कम्पनियों का कहना है कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहे कच्चे तेल के दामो के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है। मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर दिन बदलाव होता है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर में कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बदलाव भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी नजर आता है।

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में महंगाई पर अंकुश लगाने का प्रमुख वादा किया था। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी सहित बीजेपी के कई नेताओं ने जनता को भरोसा दिलाया था कि यदि देश में बीजेपी की सरकार बनी तो डीजल पेट्रोल के दामो से लेकर खाने पीने जैसी ज़रूरी चीजों के दामो को बढ़ने से रोका जाएगा।

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