कर्नाटक: कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिरी, सीएम कुमारस्वामी ने दिया इस्तीफा

बेंगलुरु। कर्नाटक में बागी विधायकों के इस्तीफों के बाद अल्पमत में आयी कांग्रेस जेडीएस गठबंधन सरकार का आज अंत हो गया है। गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री एच डी कुमार स्वामी ने अपना इस्तीफा राज्यपाल वजुभाई वाला को सौंप दिया है।

विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में सरकार के समर्थन में 99 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े। इसके साथ ही 14 महीने के भीतर कुमारस्वामी की सरकार गिर गई।

इससे पहले आज विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने भावुक भाषण दिया और उन्होंने बीजेपी को चुनौती पेश की। कुमारस्वामी ने बीजेपी को इंगित करते हुए कहा कि कैबिनेट गठन के बाद आप सरकार को कैसे बचाएंगे? हम देखेंगे कि आप कब तक सरकार चलाएंगे?

उन्होंने कहा कि “मैं ही यहीं हूं। कितना कमल ऑपरेशन चलेगा। तब आपके (बीजेपी) के लोग भागेंगे। इसके बाद चुनाव के लिए जाना बेहतर है। अगर कोई मेरी पार्टी में आता है तो हम किसी को नहीं चाहते हैं। मैं सभी से वित्त विधेयक को मंजूरी देने और फिर विश्वास प्रस्ताव का अनुरोध करता हूं। यह सिर्फ एक निवेदन है। मैं विश्वास प्रस्ताव चाहता हूं। सत्ता किसी के लिए भी स्थायी नहीं है। मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं। मैं भाग नहीं रहा हूं।”

मुख्यमंत्री एच डी कुमार स्वामी ने सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी आड़े हाथो लिया। उन्होंने कहा कि मैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से कहना चाहता हूं कि देश को बर्बाद मत कीजिए।

बसपा ने अपने विधायक को निकाला:

कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत पर वोटिंग के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने एकमात्र विधायक को सरकार के पक्ष में मतदान करने के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद बहुजन समाज पार्टी के विधायक एन महेश विश्वासमत पर वोटिंग के दौरान विधानसभा से नदारद रहे। इस पर बहुजन समाज पार्टी ने एन महेश को पार्टी से निकाल दिया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पार्टी हाईकमान के निर्देश का उलंघन करके विधायक एन महेश विश्वास मत क्र दौरान अनुपस्थित रहे। जो अनुशासनहीनता है और पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। इसलिए एन महेश को तत्काल पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान सरकार गिरने के बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि “हमारे 15-16 विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन किया है, ये संविधान के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन है। ये अयोग्यता का मामला बनता है।”

गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस जेडीएस गठबंधन सरकार द्वारा लाया गया विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आज मंगलवार को वोटिंग हुई। कुमारस्वामी बहुमत साबित नहीं कर पाए और इसी के साथ उनकी सरकार गिर गई। इस दौरान 19 विधायक गैरहाजिर रहे। सदन की संख्या 204 है।

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