कर्नाटक उपचुनाव के नतीजो ने बढ़ाई बीजेपी की चिंता, क्या ढलान पर है मोदी मैजिक ?

नई दिल्ली। कर्नाटक में हुए तीन लोकसभा और दो विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी हैं। पांच सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस जनता दल सेकुलर का दबदबा रहा और गठबंधन ने पांच में से चार सीटें जीतकर बीजेपी को भविष्य के खतरे की सूचना दे दी है।

अहम बात यह है कि कांग्रेस ने बेल्लारी लोकसभा सीट बढ़ी बढ़त के साथ इसे बीजेपी से छीन ली है। वहीँ जनता दल सेकुलर अपनी लोकसभा सीट बचाने में कामयाब रहा। दोनों विधान सभा सीटों पर भी बीजेपी को पराजय का सामना करना पड़ा है।

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेता येदुरप्पा ने शिवमोगा सीट पर करीब साढ़े तीन लाख वोटो से जीत दर्ज की थी लेकिन उपचुनाव में बीजेपी की जीत का अंतर् सिमटकर पचास हज़ार वोटो तक रह गया। यह सीट बीजेपी का गढ़ कही जाती है। इस सीट पर येदुरप्पा के बेटे चुनाव लडे थे इसके बावजूद बीजेपी के वोटो में भारी कमी आयी है।

पराजय से खिसियाये येदुरप्पा ने कहा कि ‘हार के बाद हम चुप नहीं बैठेंगे। हमने सिर्फ बेल्लारी लोकसभा सीट गंवाई है। हम अपने प्रदर्शन पर आत्ममंथन करेंगे जिससे हम 2019 के चुनाव जीत सकें।’ उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि हम 22 से 23 लोकसभा सीटें जीतेंगे। मैं जल्द ही कर्नाटक दौरा करूंगा।’

उपचुनाव में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की जीत पर कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी ने कहा है कि ये चुनाव पहला कदम था। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर सभी 28 सीटों को जीतना। लोगों ने हमारे ऊपर भरोसा जताया है लेकिन इस जीत पर हमें अहंकार नहीं है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वीमा ने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस के विधायक को करीब 25 से 30 करोड़ रुपये देने ऑफर कर रही है, मगर वह कभी उन्हें अपने जाल में नहीं फंसा पाएगी।

कर्नाटक उपचुनाव में पांच में से चार सीटों पर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की जीत तय हो जाने पर कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने कहा, लोगों ने BJP को खारिज कर दिया है। यह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को भी खारिज किया जाना है।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने इसे जनता का दिवाली गिफ्ट बताया। साथ ही, यह भी कहा कि बीजेपी ने जनता को नकार दिया है। वहीँ कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार ने ट्वीट कर कहा, इस दिवाली मैं कर्नाटक और खासतौर पर बेल्लारी के लोगों को कांग्रेस पार्टी को आशीर्वाद देने के साथ-साथ रिकॉर्ड जीत के लिए बधाई देता हूं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व पीएम देवगौड़ा के मार्गदर्शन और सहयोग से गठबंधन ने बीजेपी को हरा दिया।

कर्नाटक उपचुनाव के परिणामो से एक बात बड़े साफ़ तौर पर उभर कर सामने आयी है कि कांग्रेस जेडीएस गठबंधन के आगे बीजेपी पस्त हो गयी है। यदि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन जारी रहा बीजेपी के लिए 28 लोकसभा सीटों पर विपरीत परिस्थति पैदा हो सकती है।

वहीँ जानकारों की माने तो उपचुनाव के नतीजों से यह भी साफ़ तौर पर कहा जा सकता है कि 2014 वाला मोदी मैजिक अब ढलान पर है। अब पीएम मोदी की सभाओं में न तो मोदी मोदी के नारे लगते हैं और न ही उतनी भीड़ जुटती है जो कभी 2014 के चुनाव और उसके बाद तक जुटती थी।

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