कर्नाटक: आज राजभवन का घेराव करेंगे कांग्रेस-जेडीएस विधायक

बेंगलूरु। कर्नाटक में कांग्रेस जेडीएस के 13 विधायकों के इस्तीफे से राज्य की कुमार स्वामी सरकार के ऊपर मंडरा रहे संकट के बादल अब छटने लगे हैं। आज बुधवार को कांग्रेस और जेडीएस विधायक राज भवन का घेराव करेंगे।

कर्नाटक कांग्रेस के नेता जमीर अहमद ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने बंदूक की नोंक पर कांग्रेस विधायकों को किडनैप कर लिया है। उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिये गए हैं। उन्हें अपने परिवार वालों से भी बात करने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे विधायकों को छोड़ दिया जाए तो वे लौट आएंगे लेकिन बीजेपी के 4 से 5 लोग विधायकों पर नजर रख रहे हैं।

इससे पहले आज बेंगलुरु में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, के सी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़के, पूर्व सीएम सिद्धारमैया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि देश में लोकतंत्र का खात्मा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर राज्यपाल पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रहे हैं।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राज्य के बाद राज्य विपक्षी पार्टियों की सरकारें गिराई जा रही है। आजाद ने कहा कि भारत सरकार इसके लिए राज्यपालों का इस्तेमाल कर रही है। अरुणाचल प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक राज्यपाल दलबदलुओं का साथ दे रहे हैं और कांग्रेस से बाहर आने में उनकी मदद कर रहे हैं। हम देश के लोगों से उम्मीद करते हैं कि लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आएं।

वहीँ इससे पहले मंगलवार को विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा कि 13 में से 8 विधायकों के इस्तीफे कानूनन तौर पर सही नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस बारे में राज्यपाल वजुभाई पटेल को भी जानकारी दे दी है।

उन्होंने कहा, ”किसी भी बागी विधायक ने मुझसे मुलाकात नहीं की। मैंने राज्यपाल को भरोसा दिलाया है कि मैं संविधान के तहत काम करूंगा। मैंने विधायकों को मिलने का वक्त दे दिया है।’

विधानसभा स्पीकर ने कहा कि “दोनों दलों के विधायकों के बाकी आठ इस्तीफे सही प्रारूप में नहीं हैं। मैंने उन्हें 21 जुलाई तक का समय दिया है कि वे उन्हें फिर से जमा करें और अपने संबंधित विधानसभा क्षेत्रों से छोड़ने के कारण बताएं।”

उन्होंने कहा कि पांच विधायकों के इस्तीफे सही है जबकि आठ विधायकों के इस्तीफे सही नहीं हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह नियमावली पुस्तिका का पालन करेंगे और इन गतिविधियों के बारे में वरिष्ठों से परामर्श करेंगे कि इन इस्तीफों को स्वीकार करना चाहिए या अन्य तरह की कार्रवाई करनी चाहिए।

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