करूणानिधि से मिले रजनीकांत, टेंशन में बीजेपी

चेन्नई। तमिल सिनेमा के बादशाह कहे जाने वाले रजनीकांत ने डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि से उनके आवास पहुंचकर मुलाक़ात की। रजनीकांत नई पार्टी बनाने और राजनीति में आने का एलान कर चुके हैं।

रजनीकांत की डीएमके प्रमुख से मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। वहीँ सूत्रों की माने तो रजनीकांत की डीएमके प्रमुख से मुलाकात से बीजेपी में बेचैनी बढ़ गयी है।

हालाँकि रजनीकांत ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया है। करुणानिधि के आवास से निकलने के बाद रजनीकांत ने मीडिया से कहा कि करुणानिधि से उनकी मुलाकात शिष्टाचार नाते थी।

उन्होंने कहा, ‘करुणानिधि देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। हमारे रिश्ते बढ़िया हैं और राजनीति में प्रवेश करने के बाद मैंने उनका आशीर्वाद लिया है। उनसे मुलाकात के बाद मैं बहुत खुश हूं।

वहीँ सूत्रों की माने तो रजनीकांत के जादू को चुनावो में भुनाने के सपने संजोये बैठी बीजेपी को डर है कि कहीं रजनीकांत भी कमल हासन के रास्ते न चल पड़ें। गौरतलब है कि फिल्म अभिनेता कमल हासन भी राजनीति में आने का एलान कर चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कहा था कि भगवा उनका रंग नहीं है। जिससे एक साफ़ सन्देश गया कि कमल हासन किसी भी हाल में बीजेपी के साथ खड़े नहीं हो सकते।

अब बीजेपी को यह डर सताने लगा है कि कहीं रजनीकांत भी कमल हासन की राह चल पड़े तो बीजेपी की राह का रोड़ा साबित हो सकते हैं। बता दें कि तमिलनाडु में रजनीकांत को फिल्मो का भगवान कहा जाता है। तमिलनाडु में उनके करोडो प्रशंसक हैं। ऐसे में वे तमिलनाडु की राजनीति का रुख मोड़ने की हैसियत रखते हैं।

वहीँ दूसरी ओर डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने रजनीकांत पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु द्रविड़ आंदोलन का उद्गम स्थल है, जहां आध्यात्मिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।

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