बीजेपी को कभी भी तलाक दे सकते हैं नीतीश कुमार !

नई दिल्ली। जहाँ एक तरफ गैर कांग्रेसी, गैर बीजेपी दलों वाले तीसरा मोर्चा बनाये जाने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं वहीँ दूसरी तरफ यह भी ख़बरें आ रही हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी नेताओं के सांप्रदायिक बयानों से दुखी हो चुके हैं।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी को लेकर मगलवार को जो कुछ कहा उससे इस बात को बल मिलता है कि नीतीश कुमार बीजेपी को तलाक देने में अधिक समय नहीं लगाएंगे।

मंगलवार को नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं को दो टूक कहा है कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया तो साम्प्रदायिकता से भी समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वो वोट की चिंता नहीं करते हैं।

नीतीश कुमार ने साफ़ तौर पर कहा कि बे राज्य की जनता के प्रति जवाबदेह हैं और इसके लिए वो किसी जाति-दर्म के बंधन में नहीं बंध सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर दरभंगा में हुई हत्या को साम्प्रदायिक रंग दे रहे हैं जबकि यह पूरी तरह जमीन विवाद से जुड़ा मामला है। नीतीश कुमार ने बीजेपी का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा उसी तरफ था।

बता दें कि पिछले दिनों दरभंगा के बाबू भदवा में असामाजिक तत्वों ने एक शख्स की गला काटकर हत्या कर दी थी। इसके खिलाफ बीजेपी समर्थित लोगों ने 17 मार्च को केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में नारेबाजी की थी।

शनिवार को गिरिराज सिंह के अलावा बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय भी दरभंगा पहुंचे थे। ये नेता राज्य सरकार के दावों से उलट मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिशों में जुटे थे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तो एक वीडियो में नारेबाजी कर रही भीड़ को यह कहते हुए दिखाई दे रहे थे कि डीएसपी मुर्दाबाद बोलो।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें