कठुआ काण्ड ने दिलाई निर्भया काण्ड की याद, मोदी सरकार पर भड़के लोग

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के कठुआ में एक आठ साल की मासूम के साथ गेंग रेप और उसकी हत्या के मामले ने देश के लोगों को 2012 के निर्भया काण्ड की यादें फिर से ताजा करा दी हैं।

देश में रेप की घटनाओं के विरोध में कांग्रेस द्वारा इंडिया गेट पर आयोजित केंडिल मार्च में लोगों ने चढ़बढ़ कर हिस्सा लिया। रेप की घटनाओं से नाराज़ लोगों ने मोदी सरकार पर अपने गुस्से का इज़हार किया।

इंडिया गेट पर मौजूद अधिकतर लोगों ने कहा कि बीजेपी अगर बेटी बचाओ का नारा देती है तो उसे इस नारे को निभाना भी चाहिए। लोगों ने कहा कि सरकार सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा के दावे करती है लेकिन वह सुरक्षा धरातल पर दिखाई नहीं देती।

लोगों ने कहा कि महिलाओं के साथ रेप की घटनाओं में अब तो सांसदों, विधायकों यहाँ तक कि मंत्रियों तक के नाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में महिलाएं किस से उम्मीद रखें। अपनी बच्ची के साथ आयी एक महिला ने कहा कि जब किसी रेप केस में विधायक या सांसद का नाम आता है तो पुलिस जांच के नाम पर घुमाती रहती है।

महिला ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव की घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि रेप पीड़िता न्याय की आस में इधर उधर दौड़ती रही लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

बता दें कि 2012 में निर्भया नामक एक युवती के साथ रेप की दर्दनाक घटना सामने आयी थी। रेप आरोपियों ने न सिर्फ सामूहिक तौर पर उक्त लड़की के साथ रेप किया बल्कि उसके साथ हैवानियत भी की। घटना का खुलासा होने के बाद दिल्ली के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए इंडिया गेट से प्रदर्शन शुरू किया था। इस प्रदर्शन में बीजेपी नेताओं ने भी चढ़बढ़ कर हिस्सा लिया था क्यों कि तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी लेकिन इस बार बीजेपी की सरकार है।

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