ओबीसी सम्मेलन के ज़रिये पिछड़ो में सेंध लगाएंगे राहुल

नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग सम्मेलन का आयोजन किया है। माना जा रहा है कि इस सम्मलेन के माध्यम से कांग्रेस पिछड़ी जाति के मतदाताओं में बड़ी सेंधमारी कर सकती है।

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित इस सम्मलेन को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सम्बोधित कर रहे हैं। ओबीसी सम्मेलन कांग्रेस की उस सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा है जिसके सहारे कई चुनावो में बीजेपी कांग्रेस को पछाड़ती रही है।

आज हो रहे सम्मेलन में देशभर से पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोग शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस के पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के तमाम जिला और नगर कमेटियों के पदाधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं।

इस वर्ष राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस दृष्टि से आज के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार कांग्रेस अपने परम्परागत वोट बैंक को पार्टी से जोड़ने के प्रयासों में जुटी है।

जानकारों की राय में कभी ओबीसी, दलित, ब्राह्मण कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक हुआ करता था लेकिन क्षेत्रीय पार्टियों के सक्रीय होने के बाद कहीं न कहीं कांग्रेस का परम्परागत वोट बंटता चला गया। जानकारों के अनुसार कांग्रेस किसानो, दलित मतदाताओं और ओबीसी मतदाताओं को एक बार फिर पार्टी के झंडे तले लाने की कोशिश में हैं।

यदि कांग्रेस अपनी कोशिश में कामयाब होती है तो ये न सिर्फ केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी बल्कि कई क्षेत्रीय पार्टियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। फिलहाल यह बड़ी सच्चाई है कि कांग्रेस इस वर्ष होने जा रहे विधानसभा चुनावो को 2019 का सेमीफाइनल मानकर तैयारी कर रही है।

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