ओपिनियन पोल में खुलासा: सपा बसपा गठबंधन के बावजूद कांग्रेस की तरफ मुस्लिमो का रुझान

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के बाद राज्य के मुसलमानो का रुझान जानने के लिए इंडियाटीवी और सीएनएक्स द्वारा किये गए सर्वे में खुलासा हुआ है कि सपा बसपा गठबंधन के बावजूद मुसलमानो की एक अच्छी तादाद का रुझान कांग्रेस की तरफ है।

कयास लगाए जा रहे थे कि सपा बसपा गठबंधन बनने के बाद राज्य के मुसलमान गठबंधन के साथ जा सकते हैं लेकिन ओपिनियन पोल के मुताबिक राज्य में मुस्लिम मतदाताओं का रुझान किसी एक दल की तरफ नहीं हैं।

हालाँकि ओपिनियन पोल के मुताबिक मुस्लिम मतदाताओं की एक बड़ी तादाद सपा बसपा गठबंधन के पक्ष में हैं लेकिन दूसरे नंबर पर उसकी पसंद कांग्रेस ही है। राजनैतिक दल के तौर पर मुसलमानो का सबसे कम रुझान चौधरी अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय जनता पार्टी की तरफ है।

ओपिनियन पोल के मुताबिक बसपा और सपा गठबंधन के साथ 60 प्रतिशत मुस्लिम वोटर जा सकते हैं जबकि 35 प्रतिशत मुस्लिम वोटर कांग्रेस के साथ जाने का अनुमान है।

भाजपा को 2014 के चुनाव में लगभग 8 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिला था और ओपिनियन पोल के मुताबिक इस बार भाजपा को सिर्फ 3 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिलने का अनुमान है जबकि राष्ट्रीय लोक दल को 2 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिलने का अनुमान है।

वहीँ चुनावी विश्लेषकों की माने तो 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मुसलमानो के रुझान में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मुस्लिम मतदाताओं ने एक बार फिर कांग्रेस की तरफ रुख किया है।

विश्लेषकों के मुताबिक कांग्रेस की तरफ बढ़ते मुस्लिम मतदाताओं का ये रुझान चुनाव तक ज़ोर पकड़ सकता है। चूँकि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में कांग्रेस पूरी तरह शिथिल पड़ी थी। इसलिए अनुमान है कि जब प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी सभाओं का सिलसिला शुरू करेंगे तो मुस्लिम मतदाताओं का कांग्रेस की तरफ रुझान और तेजी से बढ़ेगा।

चुनावी विश्लेषकों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मॉब लॉन्चिंग की घटनाओं और लव जिहाद, गौकशी के झूठे मुकदमो में मुस्लिम युवाओं को फंसाये जाने की घटनाओं के बाद मुसलमान अब इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि यदि उन्होंने क्षेत्रीय दलों को वोट दिया तो केंद्र में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बन जायेगी।

ऐसे हालत में राज्य के मुसलमान अब यह मान रहे हैं कि यदि केंद्र की सत्ता से बीजेपी को हटाना है तो कांग्रेस को वोट देना ही बेहतर होगा। राज्य के मुस्लिम मतदाताओं की एक बड़ी तादाद अब इस बात को स्वीकार कर रही है कि क्षेत्रीय दलों को वोट देने का मतलब है कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने में अड़ंगा डालेंगे।

अभी लोकसभा चुनाव में समय बाकी है। जैसे जैसे चुनाव करीब आएगा लोगों की सोच बदल भी सकती है। इसलिए ये कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि राज्य के मुस्लिम मतदाता अंतिम समय पर क्या फैसला लेते हैं।

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