ओडिशा में बीजेपी और बीजेडी को गठबंधन से ब्रेक लगाएगी कांग्रेस

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र अलग अलग राज्यों में अलग अलग दलों के साथ गठबंधन बनाने की प्रक्रिया में कांग्रेस अब ओडिशा में गठबंधन पर काम कर रही है। झारखंड में गठबंधन का काम पूरा होने के बाद अब कांग्रेस ओडिशा में गठबंधन बनाकर बीजेपी और बीजेडी पर ब्रेक लगाएगी।

बिहार और झारखंड में बने महागठबंधन की तर्ज पर कांग्रेस ओडिशा में भी महागठबंधन बनाने के प्रयासों में जुट गयी है। इस महागठबंधन में कांग्रेस के अलावा झारखंड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई और सीपीएम को शामिल किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण ओडिशा में झारखंड मुक्ति मोर्चा, वाम दलों के अलावा कांग्रेस अपने परम्परागत मतदाताओं के बूते बीजेपी और राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल को चुनौती पेश करने का मन बना रही है।

उड़ीसा में 21 लोकसभा की सीटें हैं। बीजेडी ने 2014 लोकसभा चुनाव में 20 पर जीत दर्ज की थी, भाजपा ने एक सीट जीती थी और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था लेकिन इस बार कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।

सीपीआई नेता डी राजा ने कहा है कि उड़ीसा में गठबंधन के लिए बातचीत चल रही हैं और जल्द ही इसपर निर्णय लिया जाएगा। मुकाबले में इस बार भाजपा भी रहने वाली है।

राजा ने कहा कि पार्टी इस पर लगातार बात कर रही है और सीटों का मामला जल्द ही सुलझा लेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, लेफ्ट और जेएमएम के गठबंधन के कारण ओडिशा में हम लोग चर्चा के केंद्र में हैं। कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम और जेएमएम आने वाले चुनाव में भी साथ ही लड़ेंगी।

उन्होंने कहा कि देश में संस्थाओं पर गंभीर खतरा है जबकि कुछ लोगों के अंदर भय का माहौल है। इसलिए ‘देश बचाओ, मोदी हटाओ’ आज देश में नारा बन चुका है। वहीं कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पाठक ने ओडिशा में गठबंधन को लेकर कहा कि पार्टियों से बातें हो रही हैं लेकिन सीट शेयरिंग पर अभी कोई बात नहीं हुई है।

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