एनआरसी ने असम की पहली महिला सीएम सैयदा तैमूर को भी नहीं माना वैध नागरिक

नई दिल्ली। असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) को लेकर अजीबोगरीब मामले सामने आ रहे हैं। जहाँ एनआरसी से 40 लाख लोगों के नाम गायब हैं वहीँ इन नामो में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो राज्य के लिए महत्व का विषय रहे हैं।

असम की पहली महिला मुख्यमंत्री सैयदा अनोवरा तैमूर का नाम भी एनआरसी से गायब है। वहीँ पूर्व राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद के बेटे का नाम भी एनआरसी में नहीं है।

इतना ही नहीं तीस वर्षो तक सेना में अधिकारी रहे मोहम्मद ए हक का नाम भी एनआरसी में शामिल नहीं है। एनआरसी से गायब नामो का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। एनआरसी में कुछ पूर्व विधायकों, शिक्षकों और वरिष्ठ पदों पर रहे पूर्व सरकारी कर्मचारियों के नाम भी गायब हैं।

एनआरसी में नाम शामिल न किये जाने की खबर मिलने के बाद सैयदा अनोवरा तैमूर ने कहा कि यह निराशाजनक है कि मेरा नाम इस सूची में नहीं है। वे आजकल ऑस्ट्रेलिया में हैं। एक चैनल से बात करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि “मैं अगस्त के आखिरी हफ्ते में असम लौटूंगी और राष्ट्रीय नागरिक पंजी में अपना और अपने परिवार का नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करूंगी।”

बता दें कि सैयदा अनोवरा तैमूर दिसंबर 1980 से जून 1981 तक राज्य सरकार की मुख्यमंत्री रही हैं। तबियत ख़राब होने के कारण वे आजकल अपने बेटे के साथ ऑस्ट्रेलिया में रह रही हैं।

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