एक्शन में कमलनाथ: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारी नहीं गायेंगे ‘वंदे मातरम’

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पिछली सरकार के फैसलों पर एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं। अब कमलनाथ सरकार ने फैसला लिया है कि राज्‍य सचिवालय के बाहर हर महीने की पहली कामकाजी तारीख को वंदे मातरम नहीं गाया जाएगा।

सरकार ने राज्य के कर्मचारियों से कहा है कि वे अपने विभागीय कामो को तरजीह दें और अपना समय नष्ट करने से बचें। सरकार चाहती है कि सरकारी कर्मचारी इधर उधर से अपना ध्यान हटाकर काम पर ध्यान दें।

गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस की नई सरकार बनने के बाद पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के सभी फैसलों की समीक्षा की जा रही है। राज्य में नई सरकार बनने के कुछ घंटो के अंदर ही किसानो के दो लाख रूपये तक के फसली ऋण माफ़ करके कमलनाथ ने अपने इरादे जता दिए थे।

सरकारी कर्मचारियों द्वारा कामकाजी दिवस में वंदे मातरम गाये जाने पर प्रतिबंध लगाए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने एतराज जताया है।

शिवराज सरकार में मंत्री रहे उमा शंकर गुप्ता ने कहा, ‘जिस वंदे मातरम को लेकर आजादी की लड़ाई लड़ी गई उससे कांग्रेस को परहेज है तो मानसिकता समझ लीजिये। उन्होंने कहा कि नकारात्मक भावना से राजनैतिक विद्वेष से की शुरुआत र कांग्रेस अपने पैर में कुल्हाड़ी मार रही है।’

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