एएमयू स्टूडेंट्स ने माइनॉरिटी स्टेटस और मुस्लिम रिज़र्वेशन पर अखिलेश को दिखाया आइना

अलीगढ़ । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावो में जहाँ समाजवादी पार्टी बहुमत के दावे भर रही है वहीँ अलीगढ़ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छात्र सभा में मुस्लिम रिजर्वेशन के मुद्दे पर अखिलेश की मौजूदगी में एएमयू छात्रों ने उनका विरोध किया । एएमयू स्टूडेंट्स स्ट्रगल कमेटी फॉर रिजर्वेशन में शामिल छात्र सभा के दौरान अखिलेश की हर बात पर दोनों हाथ हिला कर विरोध करते रहे।

छात्रों ने 2012 के सपा के घोषणा पत्र के हवाले से उन्हें याद दिलाया कि उनकी सरकार ने मुसलमानों को 18 प्रतिशत न देकर वादा खिलाफी की है। कहे अनुसार उर्दू को बढ़ावा भी नहीं दिया और न ही इन मुद्दों को नए घोषणा पत्र में शामिल किया। इन सब मुद्दों से कन्नी काट विरोध को डायवर्ट करने के लिए अखिलेश एएमयू अल्पसंख्यक दर्जे का ट्रंप कार्ड खेला। बोले कि हम अल्पसंख्यक दर्जे की मांग के साथ हैं।

छात्रों ने अपनी सभी आपत्तियां तख्तियों पर लिख कर अखिलेश के मंच के सामने कर दीं। फर्जी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग का मुद्दा उठाया। तख्ती के माध्यम से यह बात भी पहुंचाई कि फर्जी गिरफ्तार हुए लोगों को छुड़वाने को कोई काम सपा सरकार ने नहीं किया। मजबूरन इस विरोध को रोकने के लिए अखिलेश को कहना पड़ा कि तख्ती पर लिखे शब्द वह देख नहीं पा रहे, लेकिन वह एएमयू के साथ हैं। अलीगढ़ एएमयू से पहचाना जाता है। इसके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे का उन्होंने समर्थन किया।

यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी का सिंचाई विभाग से जो विवाद है, मालूम है। इसका हल निकालेंगे। सालों से एएमयू की मांग कर रही है कि गंग नहर कॉलोनी उनकी है और वापस दी जाए। अखिलेश ने यह भी कहा कि एएमयू की जो मांगे हैं, वह उन्हें बताएं, पूरा करेंगे। इतना सब कहने पर भी मुस्लिम आरक्षण पर कुछ नहीं कहा।

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