उपचुनाव: बीजेपी ने घोषित किये उम्मीदवारों के नाम, इन्हे मिला टिकिट

नई दिल्ली। राजस्थान की दो लोकसभा सीटों अजमेर और अलवर के होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों के नामो की घोषणा कर दी है। बीजेपी द्वारा अजमेर से रामस्वरुप लांबा और अलवर से जसवंत सिंह यादव को टिकिट दिया गया है।

वहीँ विधानसभा उपचुनाव में राजस्थान की मंडलगढ़ विधानसभा सीट से शक्ति सिंह हाड़ा तथा पश्चिम बंगाल के नौपारा विधानसभा सीट से मंजू बासू को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है।

गौरतलब है कि अजमेर के सांसद रहे सांवर लाल जाट का बीमारी के बाद 9 अगस्त 2017 को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया था। अलवर से बीजेपी के सांसद महंत चांद नाथ भी असमय मौत का शिकार हुए थे। दिल्ली में 17 अगस्त 2017 को उनकी मौत हो गई थी। इनके निधन के बाद ये दोनों सीटें खाली पड़ी हुईं थी।

वहीँ कांग्रेस की तरफ से अलवर सीट पर करण सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया है जबकि अजमेर लोकसभा सीट पर रघु शर्मा को मैदान में उतारा है. राजस्थान की ही मंडलगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस ने विवेक धनखड़ का नाम तय किया है।

राजस्थान की दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए 29 जनवरी को मतदान होना है। जहाँ बीजेपी पीएम मोदी के सहारे चुनावी समर में उतरेगी वहीँ कांग्रेस मोदी सरकार और राज्य की वसुंधरा सरकार की असफलताओं को जनता के समक्ष ले जाएगी।

सूत्रों की माने तो राज्य में वसुंधरा सरकार की स्थति भी बहुत अच्छी नहीं है। राज्य में सरकार विरोधी हवा के चलते कांग्रेस को फायदा मिलने की सम्भावना है। वहीँ राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ नामक संगठन ने चुनाव लड़ने के एलान से वसुंधरा सरकार और बीजेपी नेताओं की नींद उड़ा दी है।

राज्य में बेरोज़गारी के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वाले राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के पदाधिकारी कभी बीजेपी नेताओं के करीबी हुआ करते थे और पिछले कई चुनावो में बीजेपी का समर्थन करते रहे हैं।

इस बार राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने उपचुनाव वाले लोकसभा की दोनो सीटों और विधानसभा सभा की एक सीट पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर बीजेपी के लिए नई मुश्किल पैदा कर दी है।

सूत्रों की माने तो तीन सीटों पर राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं। महासंघ सूत्रों के अनुसार संगठन के निशाने पर भारतीय जनता पार्टी और वसुंधरा राजे सरकार की नीतियाँ हैं।

गौरतलब है कि इसी वर्ष नवंबर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। उपचुनाव में सभी सीटों पर वापसी करना वसुंधरा राजे सरकार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। वहीँ गुजरात चुनावो में अच्छे परिणामो से जोश में आयी कांग्रेस तीनो सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने के मूड में दिखाई दे रही है।

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