उत्तराखंड निकाय चुनाव: इस जिले में बीजेपी को नहीं मिली एक भी सीट

देहरादून। उत्तराखंड निकाय चुनावो में बीजेपी को चंपावत जिले में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इस जिले में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं होने के बाद मामला शीर्ष नेताओं तक जा पहुंचा है और आनन फानन में जिलाध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा है।

चंपावत जिले में चार निकायों में से बीजेपी को एक भी सीट हाथ नहीं लगी है। यहाँ तक कि चंपावत नगर पालिका की सीट को कांग्रेस ने उससे छीन लिया है ।

उत्तराखंड में हुए निकाय चुनावो को कई मायने में बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विधानसभा सीट डोईवाला में भी कमल नहीं खिल सका है।

डोईवाला नगर पालिका में कांग्रेस की प्रत्याशी सुमित्रा मनवाल ने 196 वोटों से जीत दर्ज की है। कांग्रेस की जीत पर भाजपा प्रत्याशी नगीना रानी ने फिर से वोटों की गिनती कराने की मांग की है।

वहीँ मसूरी नगर पालिका सीट पर भाजपा विधायक गणेश जोशी फिसड्डी साबित हुए। भाजपा विधायक होने के बाद भी पालिका चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया। मसूरी में अध्यक्ष पद प्रत्याशी सहित वार्ड में एक भी सभासद नहीं जीत सका है।

इस बार निकाय चुनावो में बीजेपी को कांग्रेस से ज़्यादा निर्दलीयों ने परेशांन किया है। दर्जनों बीजेपी विधायक अपने सीट पर पार्टी को निकाय चुनाव नहीं जिता पाए हैं।

जानकारों की माने तो राज्य में सत्तारूढ़ होने के बावजूद निकाय चुनावो में बड़ी असफलता बीजेपी के लिए चिंता का विषय है। निकाय चुनावो के परिणाम भविष्य में होने चुनावो में बीजेपी के जनाधार पर फर्क डाल सकते हैं।

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