ईवीएम को लेकर विपक्ष कर रहा चुनाव आयोग की नकेल कसने की तैयारी

नई दिल्ली। ईवीएम को लेकर विपक्ष का संदेह अभी भी बरकरार है। विपक्ष चाहता है कि अब सभी चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराये जाएँ। लोकसभा चुनाव से पहले भी विपक्ष ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव की मांग को लेकर कई बार चुनाव आयोग गया था लेकिन उस समय चुनाव आयोग ने समय कम होने का बहाना बनाकर विपक्ष को टाल दिया था।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने की अपनी पुरानी मांग को मनवाने के लिए विपक्ष के नेता आपस में सम्पर्क बनाये हुए हैं। ;पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने के लिए आंदोलन छेड़ने का एलान कर चुकी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष होने जा रहे महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा के विधानसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराये जाने की मांग लेकर विपक्ष जल्द ही अपनी मुहिम तेज करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बार विपक्ष चुनाव आयोग की ज़िद्द के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना चूका है।

ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर विपक्षी दल संयुक्त रूप से सुप्रीमकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का मन बना रहे हैं। इतना ही नहीं चुनाव आयोग पर दबाव बनाने के लिए विपक्ष विधानसभा चुनावो का बहिष्कार करने का एलान भी कर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ईवीएम के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस, राजद, जेडीएस, डीएमके, तेलगु देशम, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, समाजवादी पार्टी, बसपा, सीपीआईएम, सीपीआई, रालोसपा, सहित कुल 23 दलों के बीच मंत्रणा जारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर पैदा हुए नेतृत्व संकट के कारण अभी सभी विपक्षी दल खामोश हैं। कांग्रेस में नेतृत्व संकट समाप्त होते ही विपक्ष ईवीएम के खिलाफ अपनी मुहिम शुरू करेगा।

हालाँकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी दल ने अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाने की मांग को लेकर विपक्ष जल्द ही अपने पत्ते खोलेगा।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान कई जगह ईवीएम में गड़बड़ी और चुनाव के बाद ईवीएम बदले जाने की अफवाह को लेकर माहौल गर्म रहा। इतना ही नहीं कई बूथों पर ईवीएम का बटन दबाने पर किसी विशेष पार्टी को वोट जाने की बात भी सामने आयी थी।

हालाँकि चुनाव आयोग ने सभी खबरों को ख़ारिज करते हुए महज अफवाह करार दिया था लेकिन ईवीएम को लेकर विपक्ष की शंका अभी भी बनी हुई है।

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