इस विधानसभा में शर्मिंदा हुई बीजेपी, नोटा से भी कम मिले वोट

नई दिल्ली। तमिलनाडु की आरके नगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को शर्मिंदा होना पड़ा है। यहाँ बीजेपी के उम्मीदवार को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। आरके नगर विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला टीटीवी दिनाकरण और अन्नाद्रमुक के दिग्गज नेता ई मधुसूदनन के बीच था।

यहाँ बीजेपी उम्मीदवार नागराजन को महज 1,417 वोट मिले. जबकि करीब 2,373 मतदाताओं ने ईवीएम पर ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा) का बटन दबाया। इससे पहले भी नागराजन वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में मयलापुर सीट पर चुनाव हार गए थे।

इस सीट पर विजयी रहे टीटीवी दिनाकरण ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। यह सीट तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जे. जयललिता के निधन से खाली हुई थी।

जीत के एलान के बाद दिनाकरण ने कहा, ”हम असली अन्नाद्रमुक हैं….आरके नगर के लोगों ने अम्मा का उत्तराधिकारी चुन लिया है।” दिनाकरण ने कहा, “हमलोग वास्तविक अन्नाद्रमुक हैं। उम्मीदवार महत्वपूर्ण होता है। मैंने पहले ही कहा कि ‘दो पत्ती’ केवल तभी सफल चिह्न होगा जब वह एमजीआर और अम्मा (जयललिता) के साथ रहेगा। अगर यह चुनाव चिह्न एम एन नांबियार और पी एस वीरप्पा को दे दिया जाए तो क्या लोग उसे वोट करेंगे।”

दिनाकरण ने कहा कि पलानीस्वामी की सरकार तीन महीने में समाप्त हो जाएगी। दिनाकरण ने आरकेनगर विधानसभा सीट कुल 89013 वोटों से जीती हैं। वहीँ उनके प्रतिद्वन्द्वी एआईएडीएमके के ई मधुसुदनन को 48306 वोट मिले।

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